काॅलेज में 4.20 करोड़ से छह निर्माण काम होंगे
जिले के अग्रणी शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त पीजी काॅलेज में छह विकास कार्य कराने शासन की मंजूरी के बाद बजट में शामिल कर लिया गया है। अब मुख्यमंत्री ने आगे की कार्रवाई के लिए फाइल पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत को भेज दी है। इस संंबंध में जनभागीदारी समिति को पत्र भेजा गया है। पत्र मिलने के बाद जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष व सदस्य इस माह के अंतिम सप्ताह में विकास यात्रा के दौरान सीएम से मिलेंगे और राशि स्वीकृत कराने की मांग करेंगे।
4 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से मल्टीपरपस हाॅल, स्पोर्ट्स भवन, ब्वाॅयस काॅमन रूम, ई क्लासेस रूम की योजना है। साथ ही परिसर की बाउंड्रीवाॅल व खेल मैदान का समतलीकरण होगा। एक साल पहले राशि स्वीकृति का प्रस्ताव बना था जो पेंडिंग है।
बढ़ेगी सुविधा
उच्च शिक्षा विभाग की सहमति के बाद बजट में शामिल, अब सीएम ने फाइल पीडब्ल्यूडी मंत्री को भेजी
इन कामों से संवरेगा शा. घनश्याम सिंह गुप्त कॉलेज
मल्टीपरपस हाॅल
अनुमानित लागत: 2.50 करोड़
फायदे: साउंड सिस्टमयुक्त हाॅल रहेगा। जिसे सिनेमाहाल की तरह संवारा जाएगा। हाॅल में आवाज नहीं गूंजेगी। पांच हजार स्टूडेंट, स्टाफ, पालक व अन्य एक साथ आराम से बैठ सकेंगे।
परिसर बाउंड्रीवाॅल
अनुमानित लागत: 60 लाख
फायदे: बाउंड्रीवाॅल बनने से असामाजिक तत्वों का खतरा नहीं रहेगा। इसके अलावा काॅलेज की जमीन सुरक्षित रहेगी। अतिक्रमण नहीं होगा।
स्पोट्र्स भवन
अनुमानित लागत: 40 लाख
फायदे: स्पोर्ट्स भवन के अंदर बैंडमिंटन, टेबल टेनिस कोर्ट बनेगा। यहां पर समय-समय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। जिसमें दूसरे काॅलेज के स्टूडेंट भी पहुंचेंगे। इंडोर गेम होगा।
खेल मैदान समतलीकरण
अनुमानित लागत: 30 लाख
फायदे: काॅलेज भवन के पीछे मैदान में मुरूम व रेत डालकर समतलीकरण करेंगे। मैदान के विस्तार से स्टूडेंट को अभ्यास करने में आसानी होगी।
ब्वाॅयस काॅमन रूम
अनुमानित लागत: 40 लाख रुपए
फायदे: काॅलेज में गर्ल्स काॅमन रूम तैयार हो चुका है। इसी की तर्ज पर एक ब्वाॅयस काॅमन रूम भी बनाया जाएगा, जहां वेटिंग हाॅल रहेगा। बाथरूम, शौचालय की व्यवस्था रहेगी।
ई-क्लासेस रूम
अनुमानित लागत: 20 लाख
फायदे: आॅनलाइन पढ़ाई होगी। यूनिवर्सिटी में प्रशिक्षित टीचर सिलेबस के आधार पर व जरूरी जानकारी देंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की भी व्यवस्था होगी।
20 एकड़ खाली जमीन की दी जानकारी
जनभागीदारी समिति की ओर से अवगत कराया गया था कि 20 एकड़ जमीन उपलब्ध है। इस पर सीएम ने उच्च शिक्षा आयुक्त को एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए थे। विभाग की ओर से जनभागीदारी समिति व कॉलेज प्रबंधन को पीडब्ल्यूडी से एस्टीमेट मांगा गया था। जिसकी जानकारी भेज दी है।
फाइल रवाना की : जनभागीदारी समिति अध्यक्ष तोमन साहू ने बताया कि छह विकास कार्य कराने संबंधित फाइल मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी मंत्री को भेजी है। इन कार्यों को बजट में शामिल कर लिया गया है।