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सहमति के बाद लिखित आदेश नहीं आया क्योंंकि रोड 54 किमी, चाहिए 100 किमी

3 वर्ष पहले
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भले ही दुर्ग जिले के पुलगांव से बालोद जिले के झलमला तक 54 किलोमीटर सड़क को नेशनल हाईवे विभाग के अधीन करने सैद्धांतिक सहमति एक साल पहले दे दी है, लेकिन लिखित आदेश अब तक नहीं आया है इसलिए पुलगांव से खप्परवाड़ा तक फोरलेन व खप्परवाड़ा से झलमला तिराहा तक 14 मीटर सड़क चौड़ीकरण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। नेशनल विभाग के अफसर कह रहे है कि सैद्धांतिक सहमति मिली है लेकिन अभी कई प्रोसेस बचा है। इसलिए अंतिम अनुमति के बाद ही काम शुरू कर पाएंगे।

पुलगांव चौक से झलमला तिराहा तक कुल 54 किलोमीटर सड़क 14 मीटर चौड़ी करने की योजना है। वर्तमान में स्टेट से नेशनल हाईवे में तब्दील करने प्रक्रिया चल रही है। सैद्धांतिक सहमति एक औपचारिक प्रक्रिया होती है। जब संबंधित विभाग की ओर से डीपीआर (कार्ययोजना) भेजा जाता है। तब केन्द्र की ओर से सर्वे कर जांच की जाती है। जांच में बताई गई जानकारी सही पाए जाने पर सहमति दी जाती है।

गुंडरदेही और बालोद की सड़कें आ रही प्रोजेक्ट में

बालोद. झलमला तिराहा से पुलगांव चौक तक सड़क को चौड़ा करने की योजना लेकिन काम शुरू नहीं हुआ।

पहले स्वीकृत प्रोजेक्ट के तहत चल रहा कार्य, हाईवे से घिरेगा जिला

इस नेशनल हाईवे के निर्माण के बाद बालोद जिला चारो तरफ से नेशनल हाईवे से घिर जाएगा। पहले से धमतरी पुरुर चारामा नेशनल हाईवे बना हुआ है। पुरुर गुरुर से झलमला होते हुए मानपुर तक सड़क भी नेशनल हाईवे के अधीन है।

झलमला तिराहा से अरौद सांकरी तक अनुमानित 65 करोड़ रुपए की लागत से और सांकरी से गुंडरदेही ब्लाक के अंतिम छोर तक करीब 85 करोड़ की लागत से सड़क चौड़ीकरण व डामरीकरण कार्य किया जाएगा। इसके आगे दुर्ग, बेमेतरा जिले के क्षेत्र में अलग काम होगा।

प्रोजेक्ट से ये फायद होंगे: इस मार्ग पर झलमला, चरोटा, पारागांव, पड़कीभाट, उमरादाह, लाटाबोड़, टेकापार, नेवारीखुर्द, अरौद, सिकोसा, पैरी प्रमुख डेंजर जोन माने गए हैं। जहां आए दिन छोटे बड़े हादसे होते रहते हैं। नेशनल हाइवे बनने के बाद सड़के नए सिरे से मजबूत होगी।

अभी प्रक्रिया जारी है, सड़क निर्माण का काम बाद में शुरू होगा

नेशनल हाईवे विभाग रायपुर के इंजीनियर जयंत वर्मा ने बताया कि स्टेट की सड़कों को नेशनल हाईवे में कन्वर्ट करने कई प्रोसेेस होता है। अभी इसके लिए प्रोसेस जारी है। फोरलेन, टू-लेन बनाने काम बाद में शुरू होगा, एक साल तो लगेंगे ही।

बेमेतरा को शामिल कर काम शुरू करेगा विभाग

नेशनल हाईवे का दायरा बेमेतरा तक बढ़ा दिया गया है। यह नियम के चलते किया गया। जानकारी अनुसार नेशनल हाईवे विभाग 100 किलोमीटर से ज्यादा सड़क को अपने अधीन में लाने के बाद कार्य करती है। इसलिए बेमेतरा की सड़क को भी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया। अब प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ जाएगी। पहले चरण में 150 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी दी गई थी।

2016 में केंद्र ने घोषित किया है नेशनल हाईवे

वर्ष 2016 में ही बालोद दुर्ग मार्ग को केंद्र शासन ने नेशनल हाईवे घोषित कर दिया है। दुर्ग के पुलगांव चौक से बालोद जिले के झलमला तिराहे तक इसका निर्माण होगा। जिले के दो विधान सभा क्षेत्र में दो अलग अलग स्वीकृति के साथ काम होगा। गौरतलब है कि इसके पहले नेशनल हाईवे 930 के तहत पुुरुर से मानपुर चौक तक घोषित किया गया है।

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