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अफसर ट्रेनिंग में, डिप्टी कलेक्टर ने सुनी समस्याएं

3 वर्ष पहले
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मंगलवार को जनदर्शन में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग समस्या लेकर पहुंचे। लेकिन कई अधिकारियों के चुनाव संबंधी प्रशिक्षण में चले जाने के कारण कुर्सियां खाली रही। प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर हितेश्वरी बाघे ने लोगोें का आवेदन लिया। अन्य वरिष्ठ अफसरों के नहीं रहने से केवल आवेदन लेेने का काम ही हुअा। एक अधिकारी के होने के कारण लोगों को लंबे समय तक अपनी बारी के इंतजार में लाइन लगा खड़ा रहना पड़ा।

कलेक्टर, अपर कलेक्टर सहित एसडीएम के नहीं होने के कारण कई लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण नहीं हुआ। डौंडीलोहारा ब्लाॅक के ग्राम महाराजपुर के किसान नाथुराम, लोकनाथ, भोजबती, नोहर, कलिराम, ज्लावाप्रसाद ने बताया कि कलेक्टर को सूखा राहत के संबंध में समस्या बताने आए थे। लेकिन उनके ना रहने से डिप्टी कलेक्टर को आवेदन देकर गांव लौट गए। किसानों ने बताया कि इस साल बारिश नहीं हाेने से फसल खराब हो गया था। सभी किसानों ने सूखा राहत के लिए बीमा कराया था। बीमा कंपनी ने सेंपल लेकर सूखा राहत के लिए प्रकरण बनाया था। लेकिन गांव के 25 किसानों को सूखा राहत राशि अब नहीं मिला है। जबकि अन्य किसानों के खाते में पैसा आ चुका है। किसान नारायण ने बताया कि सूखा राहत सूची में नाम होने के बाद भी खाते में पैसा नहीं आया है।

प्रशिक्षण में जाने के कारण अफसरों की कुर्सी रही खाली, लोगों को लाइन लगा करना पड़ा अपनी बारी आने का इंतजार

बालोद. जनदर्शन में लोगों की समस्या सुनती डिप्टी कलेक्टर हितेश्वरी बाघे।

200 लोग पहुंचे कलेक्टोरेट: ग्राम दरबारी नवागांव के केशवराम, पदमा बाई, रमोतिन ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति ने निस्तारी तालाबा आने-जाने के रास्ते पर गड्ढा खोद दिया है। वहीं सार्वजनिक नल को घेरकर अपने कब्जे में कर लिया है। ग्रामीणों के समझाने पर दुर्व्यहार करते है। सामुदायिक व पंचायत भवन की दीवार को गिरा दिया है और कब्जा करने के इरादे से लकड़ी रख दिया है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।

दो साल बाद भी मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत

डौंडी ब्लाॅक के ग्राम चिपरा के मजदूराें ने मई 2016 में तालाब गहरीकरण में काम किया था। लेकिन आज तक मजदूरी नहीं मिली है। मिलापराम, सुनीता बाई, पेमीन बाई, मुंगा बाई, बरसी बाई, पार्वती ने बताया कि गांव के 50 से अधिक लोगों ने तालाब गहरीकरण में काम किया था।

पीएम आवास की भी नहीं मिली मजदूरी: डौंडीलोहारा ब्लाॅक के ग्राम सिवनी के शांति बाई, ललिता बाई पटेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। सिवनी के ही पुराइन बाई ने पीएम आवास योजना में काम करने की बाद भी 90 दिन की मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत की।

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