पहले व अब की तस्वीर से जानिए शहर की महावीर वाटिका की बदहाली
शहर के बस स्टैंड की सुंदरता बढ़ाने के लिए करीब सात साल पहले महावीर वाटिका व कृत्रिम झरना बनाया गया था। जहां अब एक महीने से विरानी छाई है। झरने में पानी नहीं रिस रहा। देखरेख के अभाव में गार्डन की रौनक भी खत्म होने लगी है। पहले यही वाटिका लोगों को झरने की धारा के साथ आकर्षित करती थी, लेकिन अब यहां कोई घूमने नहीं आता।
नगर पालिका के जल प्रभारी निर्देश योगी ने बताया कि बोर में खराबी के कारण एक महीने से झरना बंद है। शाम को 6 से 9 बजे तक के लिए इस वाटिका को लोगों के लिए खोला जाता है। एक हफ्ते के भीतर बोर सुधार कर झरने को शुरू कर दिया जाएगा। नियमित देखभाल की जा रही है।
अनदेखी का नतीजा
वाटिका को नियमित रूप से नहीं खोला जाता, बोर खराब होने से एक महीने से झरना भी है बंद
पहले ऐसा था नजारा
फिलहाल यह हाल
वाटिका में रंगीन लाइट भी पूरी तरह नहीं जलती
महावीर वाटिका में लगाई गई रंगीन लाइट भी पूरी नहीं जलती। यहां झरने से उतरने वाले पानी को सुंदर दिखाने के लिए 10 लाइट लगी है, लेकिन चालू इसमें से केवल तीन ही चालू है। वाटिका को नियमित भी नहीं खोला जाता। इस वजह से भी लोग अब यहां आने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। आलम यह है कि वाटिका को संवारने पालिका के अफसर व जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। ऐसे में यह स्थल अपनी रौनक खोते जा रहा है।