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होटलों की तर्ज पर सफाई के लिए शहरों को अब मिलेंगे वन से लेकर सेवन स्टार

3 वर्ष पहले
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स्वच्छता को लेकर अब शहरी विकास मंत्रालय होटलों की तर्ज पर ‘स्टार’ स्कीम लागू कर रहा है। जो बालोद जिले के सभी 8 नगरीय निकाय में भी लागू होगा। ये स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 से अलग हटकर रहेगी और इसमें वन से लेकर सेवन स्टार तक रेंटिंग होगी। इसमें जो शहर मापदंडों पर खरा उतरेंगे उन्हें सेवन स्टार रेंटिंग मिलेगी।

इसमें अगर एक साथ 10 शहर मापदंडों पर खरा उतरते हैं तो उन्हें सेवन स्टार मिलेंगे और जो कमजोर रहेंगे उनके स्टार कम हो जाएंगे। यानि खराब प्रदर्शन करने वाले शहरों को सिर्फ वन स्टार मिलेगा। इस संबंध में रायपुर में बैठक भी हो चुकी है। नपा सीएमओ रोहित कुमार साहू ने बताया कि पिछले सप्ताह रायपुर में आयोजित बैठक में अफसरों ने स्टार स्कीम लागू होने की जानकारी दी है। जो स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 से हटकर रहेगा। इसमें अलग-अलग मापदंड तय किए गए है। जिसके आधार पर शहर का अाकलन होगा।

बालोद. अभी शहर में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है।

योजना का मुख्य उद्देश्य: शहरवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाना

शहरी विकास मंत्रालय ने शहरवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की है। इसमें लोगों को क्या सुविधाएं मिल रही हैं, शहरों में बीमारियों की कमी सहित अन्य बिंदुओं पर गाइडलाइन बनाकर शहरों को भेजी जा रही है। इसी आधार पर स्टार रेंटिंग के लिए काम शुरू हो जाएगा। इसमें सात बिंदु रखे गए हैं।

इस तरह बदलाव

स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में कोई एक शहर नंबर वन आता है। जैसे हाल ही में चुनिंदा शहरों को शामिल किया गया। लेकिन इस नई योजना में वन से सेवन स्टार रेंटिंग में 10 से 50 शहर तक आ सकते हैं। बशर्ते अगर वे मापदंडों पर खरे उतरे तो।

इन पैमानों पर खरा उतरना होगा

1. डोर टू डोर कचरा संग्रहण का काम हो रहा है? वर्तमान में क्या स्थिति है?

2. गीला व सूखा कचरा अलग-अलग ले रहे हैं?

3. डी सेंट्रलाइज्ड कम्पोस्टिंग की क्या स्थिति है? ये होटल्स, मैरिज गार्डन में हो रहा है या नहीं?

4. गीले कचरे को ट्रांसपोर्ट करते हैं या नहीं? प्रोसेसिंग किस तरह करते है?

5. सूखे कचरे का इस्तेमाल किस तरह से करते हैं?

6. शहर में कचरे के निपटान के लिए क्या-क्या व्यवस्थाएं है?

7. पुराने कचरे के निपटान के लिए क्या कर रहे हैं?

पहले खुद करेंगे रेटिंग, फिर जांच करने के लिए पहुंचेंगी दिल्ली की टीम

स्वच्छ भारत मिशन के अनुसार अब शहरों को ही अपनी रेंटिंग करना होगी और दस्तावेज शहरी विकास मंत्रालय को भेजना होंगे। इसी आधार पर दिल्ली की टीम जांच करने शहरों में पहुंचेगी और शहर द्वारा मांगी गई रेंटिंग की बारीकी से जांच करेगी। इसी के आधार पर रैकिंग जारी होगी। योजना लागू होने के पहले ही निकाय तैयारी में जुट गई है।

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