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धमतरी-पुरुर-चारामा एनएच बना डेंजरजोन ओवरटेक करने की हाेड़ व ट्रक बड़ी वजह

3 वर्ष पहले
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धमतरी पुरुर चारामा नेशनल हाईवे में वाहन चालकों की लापरवाही से लगातार हादसे हो रहे हैं। इस मार्ग में दुर्घटना रोकने के लिए शासन ने अपने स्तर पर कई प्रयास कर लिए लेकिन बेपरवाह चालक बाज नहीं आ रहे हैं। अब हो रहे हादसे की वजह नशे व तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना है। चूंकि इस मार्ग में अधिकतर भारी वाहन जैसे ट्रक, हाइवा व बड़े कंटेनर चलते हैं।

ऐसे में बाइक चालक या छोटे वाहन उनसे आगे निकलने की होड़ में रहते हैं। उनकी यही आपाधापी मौत बनकर सामने आती है। कई बार ट्रक भी आपस में टकरा जाते हैं। फरवरी में ऐसी ही घटना में दो ट्रकों के परखच्चे उड़ गए थे। दोनों चालकों की मौत हुई थी।

ढलान पर कार और बाइल की टक्कर से चालक घायल हुआ था:- जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह 9 बजे मरकाटोला घाटी के पास ढलान पर एक कार व बाइक में टक्कर हो गई। जिसमें बाइक चालक नरेश कुमार निवासी धमतरी को चोट आई है। उन्हें चारामा में भर्ती कराया गया। बाइक चालक 90 की स्पीड में था।

दुर्घटना रोकने के लिए प्रयास भी यहां उपयोगी साबित नहीं हुए

एक नजर हादसों के आंकड़ों पर

माह घटना घायल मौत

जनवरी 7 11 2

फरवरी 6 9 3

मार्च 8 13 2

अप्रैल 12 17 2

मई 8 11 1

(धमतरी, चारामा अस्पताल व गुरुर थाने में दर्ज केस के अनुसार)

नेशनल हाईवे में इस तरह से तेज रफ्तार में दौड़ती है कार व अन्य वाहन।

इस रूट पर ये हैं 10 से अधिक डेंजर पाॅइंट

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राज्य के 29 जगहों में से इस हाईवे को डेंजर प्वाइंट घोषित किया है। चिटौद से कोचवाही तक 20 किमी का एरिया जिले में आता है। जिसमें 15 किमी का एरिया यानी चिटौद से मुजालगोंदी के बीच 10 से अधिक डेजर प्वाइंट हैं। चिटौद ढाबा, जगतरा मंदिर, पुरुर तिराहा, बालोदगहन, मरकाटोला घाटी, मुजालगोंदी ढलान व यात्री प्रतीक्षालय प्रमुख प्वाइंट है।

हाल ही में हुए इस रूट पर ये हादसे

केस 1 - दो दिन पहले मुजालगोंदी के पास कार व पिकअप में टक्कर हुई। घटना की मूल वजह ओवरटेक व तेज रफ्तार थी। जिसमें पिकअप के हेल्पर की मौत हो गई। तीन अन्य लोग घायल हुए। कार चालक पिकअप को ओवरटेक कर रहा था पर साइड नहीं मिली।

केस-1

केस 2- ग्राम कनेरी निवासी योगेश कुमार साहू की मौत भी इसी मार्ग में राजाराव पठार टोल नाका के पास अज्ञात पिकअप के टक्कर से दो हफ्ते पहले हुए थी। वह बाइक से ग्राम खरता (चारामा) से एक रिश्तेदार के घर शादी से अपने ससुराल ग्राम पलारी लौट रहा था।

केस-2

19 अप्रैल को मरकाटोला के पास बस्तर की बाराती गाड़ी स्कार्पियो पलट गई थी। चालक सहित पांच घायल हो गए।चालक तेज रफ्तार में था। सभी शराब पिए थे। अचानक झपकी से नियंत्रण खो बैठा व वाहन 10 फीट नीचे जंगल में उतरकर पेड़ के बीच पलट गया।

केस-3

प्रत्येक व्यक्ति सुरक्षित ढंग से चलाए गाड़ी : एसपी

एसपी आईके एलेसेला ने कहा कोई आपका घर पर इंतजार कर रहा है, ये सोचकर गाड़ी चलाएं तो किस तरह की जागरूकता अभियान की जरूरत नहीं पड़ेगी। पुलिस के अभियान के बाद भी ज्यादा असर नहीं पड़ रहा है। यहां की नई सड़कों पर हादसे और मौतें हो रही है। इसकी वजह शराब सेवन, तेज रफ्तार है। फिर अचानक मोड़ व दूसरी गाड़ी के आने से बैलेंस खोते ही हादसे हो जाते हैं। हेलमेट पहनना भी जरुरी हैं। क्योंकि अधिकतर हेड इंज्यूरी से भी मौत होती है।

दुर्घटना रोकने ये उपाय किए

हाईवे पर पड़ने वाले डेंजर टर्निंग को सीधा किया गया। मरकाटोला में हादसे का प्रमुख कारण खतरनाक मोड़ को ही माना जाता था। इसलिए वहां तो पहाड़ी काट कर सड़क चौड़ी व मोड़ को कम किया गया है। ब्रेकर के साथ सड़कों पर रेडियमयुक्त पट्टी व आजू-बाजू के पेड़ों पर रेडियम पट्टी लगाई गई है। जो सड़क पहले 8 मीटर थी, वह अब 12 मीटर हो गई है।

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