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30 की जगह 45 बच्चे, एक भी महिला गार्ड नहीं

3 वर्ष पहले
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पहली बार जिले की विधिक सेवा प्राधिकरण(कोर्ट) की टीम ने दुर्ग व राजनांदगांव में संचालित बाल गृह का जायजा लेकर हाल जाना। राजनांदगांव की सृजन बालिका गृह में क्षमता से ज्यादा बच्चे मिले। वहां 30 बच्चों को रखने की अनुमति है। लेकिन 45 रखे हुए थे। बेटियों की सुरक्षा का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं था। इस पर विधिक सचिव मनीषा ठाकुर ने संबंधित स्टाफ पर नाराजगी जाहिर की।

बाल गृह में एक भी महिला गार्ड नहीं रखा गया है। एक खाना बनाने वाली महिला, एक संचालिका व एक अधीक्षिका के भरोसे बालिका गृह चल रहा है। शाम को गेट पर सुरक्षा के नाम से ताला लगा दिया जाता है। सचिव ने कहा एक महिला गार्ड नियुक्त करने व क्षमता से ज्यादा बच्चों के संबंध में महिला बाल विकास विभाग के डायरेक्टर को पत्र लिखेगी। टीम ने बाल गृह में रहने वाले अनाथ व उपेक्षित बच्चों के साथ भी एक से दो घंटे समय बिताया। उनकी समस्या पूछी। फिर उनके रहने खाने की व्यवस्था की जांच की गई। कुछ बच्चों ने अपने सांस्कृतिक प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया। बालिका गृह में जिले से 8 बेटियों को रखा गया है।

जायजा

पहली बार बालोद की विधिक सेवा टीम ने दुर्ग व राजनांदगांव में बाल गृह जाकर देखा सुरक्षा का हाल

बालोद. बाल गृह में बच्चों से व्यवस्था की जानकारी लेते विधिक सचिव।

जो बच्चे मांगते थे भीख उनका भविष्य संवरा

दुर्ग के बाल गृह में जिले से पांच बच्चों को रखा गया है। इनमें कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जो मां बाप की मौत के बाद सड़कों पर भीख मांगते भटकते थे। उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। ऐसे में उन्हें बाल संरक्षण विभाग की पहल से यहां पहुंचाया गया। जो आज अपना भविष्य संवार रहें हैं। एक बच्चे ने तो टीम के सामने नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चे पढ़ाई में भी होशियार हैं। बच्चों ने सचिव से कहा कि पहली बार बालोद से कोई इस तरह हमें मिलने आया है। आगे भी आती रहना।

दुर्ग महिला जेल में बालोद के 10 बंदी कैद

दुर्ग की महिला बंदी गृह (जेल) में भी टीम ने जायजा लिया। यहां जिले से 10 महिला बंदी कैद है। उनसे मिलकर उनके केस की जानकारी ली गई। जिन्हें हाईकोर्ट में अपील करना है, उन्हें कानूनी सहायता के लिए सलाह दी गई। हाल ही खर्रा में पानी टंकी ढहने पर दो बच्चों की मौत के जिम्मेदार आरोपी सरपंच ममता तिवारी व पंच प्रभा सेन भी दुर्ग में हैं। महिला बंदियों को बताया गया कि उन्हें आवेदन करने पर केस में सरकारी वकील की भी सुविधा दी जाएगी। टीम में अधिवक्ता पंकज राजपूत, नेन्सी नेताम, परमेश्वरी मेश्राम भी शामिल रहे।

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