आज विश्व संग्रहालय दिवस है। प्रदेश के पहले व शहर के प्राचीन धरोहर स्थल खुला गोड़ संग्रहालय में नागवंशीय राजा व उसके बहादुर सिपाहियों की शौर्य गाथा बखान करने वाली मूर्तियां खुले में है। शेड बनाने की योजना कागजों में है।
इसका नतीजा है कि मूर्तियां अपनी चमक खोती जा रही है। जिला प्रशासन व नपा के अफसर व जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन देते आ रहे हैं कि पहले खुला गोड़ संग्राहलय को संरक्षित करने के लिए पहल करेंगे। लेकिन अब तक कुछ नहीं हो पाया है। एक साल पहले पुरातत्वविद जीएल रायकवार, संग्रहाध्यक्ष रायपुर प्रताप पारख, तत्कालीन कलेक्टर राजेश सिंह राणा यहां दौरा किए थे। तब आश्वासन दिए थे कि जल्द शेड निर्माण होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।