पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • स्मैक का धुआं स्कूली छात्रों तक पहुंचा, पुलिस का खुफिया तंत्र फेल, शहर में 300 रुपए में मिल रही है स्मैक की पुड़िया

स्मैक का धुआं स्कूली छात्रों तक पहुंचा, पुलिस का खुफिया तंत्र फेल, शहर में 300 रुपए में मिल रही है स्मैक की पुड़िया

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
औद्योगिक नगरी बालोतरा में स्मैक के अवैध कारोबार ने कई युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर दी है और अब महंगे शौक को पूरा करने में आड़े आ रही आर्थिक तंगी को पूरा करने के लिए स्मैकची संपन्न परिवारों के स्कूली छात्रों को स्मैक के नशे की जद में ला रहे हैं। तीन दिन पहले मूंगड़ा रोड स्थित एक खेत में स्मैकचियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहुंचे डीएसपी ने नाबालिगों को पास में बैठा तो खुद भी अचंभित रह गए। हालांकि इस दौरान स्मैक तो बरामद नहीं हुई, लेकिन कमरे में बड़ी मात्रा में स्मैक पीने की सामग्री पड़ी मिली। वस्त्र नगरी के युवाओं को अपने नशे की आगोश में ले रहे स्मैक के जहरीले धुंए पर काबू पाने के लिए पुलिस ने कई बार कार्रवाई भी की, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली। पुलिस की इस नाकामी के पीछे महकमे के ही कुछ कार्मिकों की कारस्तानी है, क्योंकि शहर में स्मैक के अवैध कारोबार करने वालों को ही पुलिस के खुफिया तंत्र ने मुखबिरों की तरजीह दे रखी है, इससे स्मैक के अवैध कारोबार पर अंकुश लगने की बजाय आराम से बिक्री हो रही है।

उल्लेखनीय है कि स्मैक के आदी युवाओं ने नशे की तलब मिटाने के लिए शहर में बंद पड़ी पुरानी इमारतों व बाहरी क्षेत्र में खंडहरों को अपना अड्डा बना रखा है, ताकि किसी को भनक नहीं लग सके। सूचना पर 14 मई को डीएसपी हिमांशु जांगिड़ ने मेगा हाइवे मूंगड़ा सर्कल के समीप स्थित एक खेत में बने कमरे पर दबिश देते हुए दो स्मैकचियों को हिरासत में लिया। स्मैक की पुडिय़ा तो बरामद नहीं हो पाई, लेकिन पन्नी पर स्मैक पीने के अंश जरूर मिले।

स्मैक की गिरफ्त में कई स्कूली-कॉलेज छात्र

300 रुपए में उपलब्ध पुडिय़ा

शुरूआती दौर में शहर में 2000-2500 रुपए में स्मैक की एक ग्राम की पुडिय़ा बाजार में उपलब्ध करवाई जा रही थी, लेकिन बाजार में अधिक बिक्री व मांग के अनुसार स्मैक उपलब्ध करवाने के लिए कारोबारी छोटी-छोटी पुडिय़ा में 300-500 रुपए में उपलब्ध करवा रहे है। लंबे समय से शहर में बड़े स्तर पर अवैध बिक्री का कामकाज चल रहा है।

पुलिस ने जिसे मुखबिर बनाया उसने ही शुरू किया कारोबार :कुछ समय पूर्व पुलिस ने स्मैक के आदी एक युवा को अपना मुखबिर बनाया, लेकिन यह मामला उलटा पड़ गया। स्मैकची ने स्वयं ही स्मैक का कारोबार शुरू कर दिया। पता चलने पर पुलिस ने कार्रवाई की, लेकिन कुछ खास हाथ नहीं लगा। वहीं पुलिस से बचने के लिए अब कारोबारी भी नए-नए तरीके इजाद करने में लगे है। फोन पर ग्राहक को एक तय स्थान पर बुलाया जाता है, इसके पहुंचने से पहले ही कारोबारी गुटखा-पान मसाला के पैकेट में स्मैक की पुड़िया डालकर पेड़ या पत्थर की आड़ में रख देते है। ग्राहक से पैसे लेते ही पैकेट की तरफ इशारा कर बाइक से रवाना हो जाते है, ताकि पुलिस नजर भी रख रही हो तो वे पकड़ में नहीं आ सके।

कई परिवार परेशान, बदनामी के डर से नहीं आ रहे आगे

शहर में ऐसे कई परिवार है, जिनके माता-पिता व बीवी-बच्चे घुट-घुट कर जिंदगी जीने को मजबूर है, लेकिन बदनामी के डर से वे आदी हुए युवा को नशा छुड़वाने या स्मैकचियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आगे आने से कतरा रहे है।

इन स्थानों पर हो रही स्मैक सप्लाई

कुछ समय पहले स्मैक कारोबारियों के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई में जोधपुर से इसकी सप्लाई होना सामने आया है। इस कारोबार में लिप्त युवा जोधपुर से स्मैक की खरीद लातेे है। हाल ही में समदड़ी रोड, जीरो फाटक, नया बस स्टैंड व रेड चिली के आस-पास कारोबारी स्मैकचियों को इसकी सप्लाई कर रहे है।

स्मैक का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है। स्मैकियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस पूरी तरह से सक्रिय हैै। वहीं स्मैक बेचने वाले फिर से सक्रिय हुए है तो टीम लगाकर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। भंवरलाल सिरवी, थानाधिकारी बालोतरा

खबरें और भी हैं...