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एनएच 325 पर सड़क बनाने के लिए खोदे गहरे गड‌्ढे, लगाए नहीं संकेतक, रोज होते हैं हादसे

3 वर्ष पहले
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दिलीपसिंह राजपुरोहित | मोकलसर

सांडेराव से बालोतरा को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे-325 के निर्माणाधीन कार्य में कंपनी के ठेकेदार हाइवे अथॉरिटी के मापदंड को ताक पर रखकर अनियमितताएं बरत रहे हैं। कार्य में आमजन की सुरक्षा का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। हाइवे पर उड़ते रेत के गुब्बार से आए दिन हादसे घटित हो रहे है, जबकि नियमानुसार कार्यकारी कंपनी को खोदे गए भाग को चिह्नित करने के साथ रिफ्लेक्टर लगाने चाहिए। वहीं दूसरी तरफ ठेकेदार रात में अवैध खनन कर रहे हैं। इसकी शिकायत पर पूर्व में उपखंड प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीनें जब्त कर कार्रवाई की थी, लेकिन अब हालात फिर से वही हो गए हंै।

उल्लेखनीय है कि बालोतरा से जालोर-आहोर व सांडेराव को जोड़ने वाला नेशनल हाइवे-325 का कार्य चल रहा है। करीब 150 किलोमीटर की दूरी में बनने वाले इस राजमार्ग के निर्माण कार्य में कंपनी के ठेकेदार आमजन की सुरक्षा का ख्याल नहीं रख रहे हैं । इनकी लापरवाही से दुर्घटना का खतरा बना रहता है । खुदाई किए गए भाग को चिह्नित नहीं किया जा रहा है, वहीं रिफ्लेक्टर नहीं लगे होने से रात के समय में सावचेती बरतने के बावजूद वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे है। मार्ग पर उड़ते ग्रेवल के गुब्बार व से वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मोकलसर . ग्रेवल पर पानी नहीं डालने से उड़ते रेत के गुब्बार।

नहीं छिड़क रहे पानी, रेडियम इंडीकेट भी नहीं

नेशनल हाईवे 325 के 2 नंबर पैकेज में मोकलसर चौराहा से जालोर के श्रीराम ग्रेनाइट तक निर्माणाधीन एचजी हाइवे इंफ्रा कंपनी के ठेकेदार आमजन के सुरक्षा का ख्याल नहीं रख रहे है। नियमों के विपरीत जहां मर्जी आया बड़े-बड़े खड्डे खोद दिए है, जिस पर कहीं रेडियम पट्टी से इंडीकेट नहीं किया गया है। इससे रात के समय में वाहन चालक असंतुलित होकर चोटिल हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हाइवे पर डाली जाने वाली मुरड़ की लेवलिंग सही नहीं होने से दुर्घटनाएं कारित हो रही है। कार्य के दौरान मुरड़ डालने के बाद पानी का छिड़काव अनिवार्य है, लेकिन कंपनी के ठेकेदार पानी का छिड़काव नहीं कर रहे है, इससे भारी वाहनों के गुजरने के दौरान उड़ते रेत के गुब्बार से सामने सेे आने वाला नहीं दिखाई देता है। इससे हरदम हादसे की आशंका रहती है। वहीं बीच हाइवे पर निर्माण सामग्री डालने से आवागमन में काफी दिक्कतें हो रही है। राहगीरों व वाहन चालकों के परेशानी से अवगत करवाने के बावजूद संबंधित ठेकेदार सुध नहीं ले रहे है।

ये है हाइवे अथॉरिटी के सुरक्षा मापदंड

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने हाइवे निर्माण के दौरान सुरक्षा दृष्टिकोण से मापदंड तय कर रखे है एवं इन्हीं के अनुरूप कार्य करना होता है। टू लेन हाइवे में निर्माण में पहले एक साइड का पूरा बेस बना कर दूसरी तरफ खुदाई कर सकते है। वहीं एक तरफ 4 से 5 किलोमीटर पूरी सड़क बना कर दूसरी तरफ फिर 4 से 5 किलोमीटर खुदाई करनी होती है। साथ ही ग्रेवल का लेवलिंग एक दम सही होना चाहिए। रेत से भरे कट्टे साइड में रखते है तो उन पर रेडियम पट्टी के अलावा पुलिया निर्माण के दौरान सुरक्षा के लिहाज से इंडीकेट करना पड़ता है, ताकि वाहन चालकों को निर्माण कार्य चलने का दूर से ही पता चल सके। वहीं मुरड़ के ऊपर पानी का छिड़काव करना चाहिए, ताकि धूल के गुब्बार नहीं उड़े, लेकिन ठेकेदार ऐसा नहीं कर तमाम सुरक्षा मापदंडों को ताक पर रखकर कार्य कर रहे है।

रात को हो रहा अवैध खनन, राजस्व को नुकसान

एचजी हाइवे इंफ्रा कंपनी के ठेकेदार खनन विभाग से बिना अनापत्ति पत्र लिए रात को अवैध खनन कर रहे है, इससे राजस्व को नुकसान हो रहा है। हालांकि कुछ रोज पूर्व ग्रामीणों की शिकायत पर उपखंड प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मशीनरी जब्त की थी, लेकिन ठेकेदार ने रायथल रोड पर फिर से अवैध खनन शुरू कर दिया है।

हाइवे निर्माण में बिना इंडीकेट किए जगह-जगह खड्डे खोद दिए है। इससे आए दिन हादसे हो रहे है। वहीं ग्रेवल सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं करने से राहगीरों व वाहन चालकों का चलना दूभर हो गया है। - भवानीसिंह बालावत, ग्रामीण काठाडी़

कुछ दिन पहले ग्रामीणों की शिकायत पर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कर मशीनरी जब्त कर जुर्माना राशि वसूल की थी। अगर दुबारा खनन शुरू किया है तो कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्य में आमजन की सुरक्षा का ख्याल नहीं रखा जा रहा है तो अधिशाषी अभियंता को बुलाकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंषा की जाएगी। - अंजुम ताहिर शम्मा, उपखंड अधिकारी सिवाना

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