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बच्चे बोले-जो आए ही नहीं उन्हें चुना, ओवरएज खिलाड़ी भी टीम में सिलेक्ट

3 वर्ष पहले
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सागर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित अंडर-15 इंटर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए सागर जिले की टीम के चयन के लिए हुए ट्रायल में एसोसिएशन पर मनमानी करने के आरोप लगाए गए हैं। यह आरोप यहां चयन के लिए ट्रायल देने आए खिलाड़ी मुनेंद्रप्रताप सिंह और उनके पिता ने लगाए हैं।

उन्होंने भास्कर को बताया कि कई अन्य साथी खिलाड़ी भी इस प्रकार के आरोप लगा रहे हैं। उनके मुताबिक चयन ट्रायल में ऐसे खिलाड़ियों तक को चुन लिया गया जो ट्रायल देने के लिए मैदान तक पर नहीं आए। इसके अलावा उन्होंने तीन-चार ऐसे खिलाड़ी भी चुन लिए जो कॉलेज में पढ़ते हैं। उन्होंने विशाल नेगी, अमन वाल्मीकि, ऋतिक विनोदे आदि खिलाड़ियों को अंडर-15 के लिए ओवरएज बताते हुए यह आरोप लगाए हैं।

दोनों का यह भी कहना था कि आयोजकों द्वारा ट्रायल दोपहर 3.30 बजे से शुरू होने की सूचना भेजी गई थी, लेकिन ट्रायल शाम 5.30 बजे से शुरू कराया। इसके चलते खिलाड़ियों काे परेशान किया गया। बाद में मनमर्जी की टीम चुन ली गई। रात 8.15 बजे खिलाड़ी शहर से करीब 6 किलोमीटर दूर बम्हौरी रेंगवा स्थित एमपीसीए मैदान पर फ्री किए गए।

मूलतः भैंसवाही गांव के रहने वाले मुनेंद्रप्रताप सिंह ने बताया कि विकेट कीपर बल्लेबाज है। हाल ही में एमपीसीए द्वारा आयोजित टेलेंट सर्च में सभी ने उसकी सराहना भी की थी। लेकिन द्वेष भावना के चलते सागर जिले की टीम में उसे नहीं चुना गया। उनके पिता ने बताया कि आयोजकों से जब सब मामलों के कारण पूछे गए तो उन्होंने यह तक कह दिया कि आगे से तुम्हारा रजिस्ट्रेशन तक नहीं होगा। जहां शिकायत करना हो कर लो।

मार्कशीट और योग्यता के आधार पर चुने गए खिलाड़ी, अभी मेडिकल भी होगा

मामले में सागर डिवीजन की तरफ से ट्रायल का मैनेजमेंट देख रहे सत्यम त्रिपाठी ने सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने बताया कि ध्रुव केवट चूंकि अंडर-14 सागर डिवीजन में शामिल था। किसी कारणवश वह ट्रायल में नहीं आ सका तो एमपीसीए के नियमों के तहत परफार्मर प्लेयर होने के नाते उसे टीम में शामिल किया गया। शेष जितने भी खिलाड़ी चुने गए सभी की मार्कशीट और जन्म प्रमाण-पत्र की ओरिजनल दस्तावेज देखने के बाद ही हमने सिलेक्ट किया। कुल 22 खिलाड़ी चुने गए, जिन्हें योग्यता के आधार पर सिलेक्टर ने चुना। वैसे भी जब सागर डिवीजन की टीम बनेगी तो सभी का मेडिकल टेस्ट भी होगा। जिसमें यदि किसी की उम्र ज्यादा हो तो वह तुरंत पकड़ में आ जाता है।

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