बाबा साहब ने कभी हिंसा का रुख नहीं अपनाया, हम उनके अनुयायी है
डीजे पर थिरकते जयस व अन्य आदिवासी संगठन के कार्यकर्ता व समाजजन।
दहेज व शराब जैसी कुप्रथा के खिलाफ काम कर समाजजन लाखों रुपए बचाए
चंद्रशेखर आजाद नगर के केशरसिंह बामनिया ने कहा कि आदिवासी समाज में एक शादी में करीब आठ लाख रुपए का खर्च होता है। इसमें चार लाख रुपए दहेज, दो लाख रुपए शराब और दो लाख रुपए अन्य खर्च। हमने गत वर्ष गांव-गांव में घूमकर लोगों को जागरूक कर दहेज के रुप में 51 हजार रुपए और शादी में अंग्रेजी शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। जिससे समाजजन को आर्थिक नुकसानी से बचाया जा सका।
चल समारोह के रुप में जाते हुए जयस, आदिवासी संगठन के कार्यकर्ता ।