भागवत कथा में कौरव-पांडव युग वृतांत का प्रसंग सुनाया
दौसा|खवारावजी की पुरोहितान ढाणी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में दूसरे दिन सोमवार को पंडित सत्यनारायण शास्त्री ने कौरव-पांडव युग का वृतांत का प्रसंग सुनाया। कथा वाचक पंडित सत्यनारायण शास्त्री ने मानव जीवन को महत्वकांक्षी बताते हुए कहा कि जब भगवान ने सभी प्राणियों की उम्र तय की थी, तब मानव जीवन के लिए 40 वर्ष की उम्र तय की थी। प्राणियों के जीवन की उम्र तय होने के बाद अनेक प्राणियों ने अधिक उम्र बताते हुए अपनी उम्र कम करा ली, लेकिन मानव जीवन शुरू से ही महत्वकांक्षी रहा है। ऐसे में मानव ने अपनी उम्र कम बताते हुए अन्य प्राणियों की उम्र भी अपने जीवन में जुड़वा ली। ऐसे में अंत में मानव जीवन सौ वर्ष का हुआ।
इसी कड़ी में कथा वाचक पंडित शास्त्री ने आगे कहा कि इसी महत्वकांक्षा का परिणाम बुढ़ापा है। वर्तमान में जीवन के कर्मों का फल इसी जीवन में मिलता है। आमतौर पर कर्मों का फल बुढापे में ही देखने को मिलता है। ऐसे में अच्छे कर्म करने से व्यक्ति का बुढ़ापा भी अच्छा गुजरता है। बीच-बीच में भजन भी प्रस्तुत किए। भागवत कक्षा आयोजन समिति के सदस्य कैलाश चंद जैमन ने बताया कि 27 मई तक भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। बुधवार को कथा स्थल शिव मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी सजाई जाएगी। साथ ही नंदोत्सव के प्रसंग का वाचन किया जाएगा।
प्रधानाचार्य पाठक ने किया कार्यभार ग्रहण
बांदीकुई|राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल अन्नतवाड़ा के प्रधानाचार्य पद पर सोमवार को नवनीत कुमार पाठक ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। प्रधानाचार्य पाठक ने मध्यांह पूर्व में ही कार्यभार ग्रहण कर लिया।
भुगतान नहीं होने पर कार्य बहिष्कार की दी चेतावनी
लालसोट|जलदाय कर्मियों द्वारा 2 लाख 8000 का भुगतान नहीं होने के विरोध को लेकर सहायक अभियंता को ज्ञापन देते हुए 3 दिन में भुगतान नहीं होने की दशा में कार्य बहिष्कार करनेव अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।