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गुर्जर संस्कृति को जीवित रखने के लिये गाते हंै गीत

3 वर्ष पहले
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महवा(ग्रामीण) |क्षेत्र के रतनपुरा गांव में गुरुवार को गुर्जर लोक गीतों का आयोजन हुआ। इसमें खानाका,मठगुरजा, मुंडिया,खेड़ला की गुर्जर जोटों ने गुर्जर समाज की सांस्कृतिक लोक गीत गाकर धार्मिक कथाएं सुनाई। सैकड़ों स्त्री पुरुषों ने गीत सुनकर लुत्फ उठाया। रतनपुरा निवासी खुशीराम ने बताया कि गुर्जर समाज मे यह परंपरा है,कि अप्रैल में रवि की फसल की कटाई से निवृत्त होकर एक दूसरे गांव में जाकर गीतों का आयोजन करते हैं,जिससे समाज के लोगों में आपस मे मेलजोल एवं भाईचारा बढ़ता है। यह कार्यक्रम मई जून दो महीने चलता है। इसमें एक गांव के करीब 20 से 25 लोगों की जोट होती है,जो दो भागों में बैठकर गायन करती है।

निशुल्क ह्रदय रोग परामर्श शिविर कल

बांदीकुई |शहर के सिकंदरा रोड पर स्थित जगहितम हॉस्पिटल में शनिवार को सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक निशुल्क ह्रदय रोग परामर्श शिविर आयोजित होगा।

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