भीलवाड़ा | हाई स्कूल परीक्षा का परिणाम आने से पहले ही शंभुलाल जोशी के पिता का निधन हो गया था। पिता पुरुषोत्तमलाल चाहते थे कि बेटा इंजीनियर बने। उनके निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मां कंचनदेवी ने उठाई। संघर्ष करते हुए बेटे को इंजीनियर बनाया। अब शंभुलाल उन्हीं मां की याद में हर दिन अस्पताल में आने वाली जरूरतमंद दो महिलाओं का सहारा बनते हैं। 1946 में बनेड़ा में जन्मे शंभुलाल ने 1965 में पीडब्ल्यूडी में ओवरसियर पद से सरकारी सेवा प्रारंभ की। सितंबर, 2006 में रिटायर होने के बाद से उनका समय व सारी आय मानव सेवा को समर्पित है। कंचन बाई पुरुषोत्तम ट्रस्ट के मार्फत सिंगोली श्याम धर्मशाला में शिव मंदिर व एसी रूम बनवाया। सिंदरी के बालाजी मंदिर में यज्ञशाला, सीतारामजी की बावड़ी के सामने सत्संग भवन बनवाया। एमजी अस्पताल में सोनोग्राफी वार्ड भी गोद लिया हुआ है।
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