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28 सुरक्षागार्डों के बीच एमजी अस्पताल में शराबी बच्ची को ले जाने लगा...चार लोगों ने पकड़ा, पुलिस ने शांतिभंग में ही किया गिरफ्तार

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

मां की सजगता और 4 सफाईकर्मियों की तत्परता से रविवार को एमजी अस्पताल में शर्मनाक घटना होने से बच गई। अस्पताल की महिला सफाईकर्मी के साथ आई दो साल की बेटी को एक शराबी उठाकर ले जाने लगा। इसी दौरान मां की नजर पड़ी तो वह चिल्लाई। इस पर बगल में काम रहे चार सफाईकर्मियों ने दौड़कर शराबी को दबोचा और बच्ची को छुड़ाया। इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन और पुलिस की तीन बड़ी लापरवाही सामने आई हैं। अस्पताल में आठ महीने से सीसीटीवी कैमरे बंद हैं तो सुरक्षा के लिए 28 गार्ड लगा रहे हैं। वहीं पुलिस ने भी आरोपी के सिर्फ शांतिभंग की धारा लगाई हैं। एमजी अस्पताल पुलिस चौकी के स्टाफ का कहना है कि परिजन शिकायत देंगे तो अन्य गंभीर धारा जोड़ दी जाएगी।

प्रत्यक्षदर्शियों व बच्ची के पिता ने बताया कि वह शहर में एफसीआई गोदाम के पास रहता है। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उसकी प|ी मेल मेडिकल वार्ड में सफाई कर रही थी। दो साल की बेटी बाहर खेल रही थी। उसके हाथ में पानी की बोतल भी थी। इसी दौरान वहां एक शराबी पहुंचा और बालिका के हाथ से बोतल छीन फेंकी। इसके बाद साथ ले जाने का प्रयास करने लगा। पानी की बोतल फेंकने से बालिका चिल्लाई तो मां दौड़कर बाहर आई और चिल्लाने लगी। इस पर बदमाश भागने लगा। अन्य वार्डों में सफाई कर रहे सफाईकर्मी दौड़कर आए और बदमाश को पकड़ पिटाई की। इसके बाद अस्पताल पुलिस चौकी पर सूचना दी। पुलिस पूछताछ में बदमाश ने अपना नाम कालूसिंह बताया है, जो बनेड़ा क्षेत्र के सुल्तानगढ़ का है। पुलिस ने उसे शांतिभंग में गिरफ्तार किया है।

पूरा सिस्टम ही लचर; 28 गार्ड फिर भी अस्पताल में सुरक्षा नहीं, 8 महीने से बंद है सीसीटीवी और पुलिस की कार्रवाई भी सिर्फ खानापूर्ति

बेटी के रोने की आवाज सुन पहुंची तो बदमाश उसे गोद में उठाने की कोशिश कर रहा था : मां

बच्ची की मां का कहना है कि उचक्के ने बेटी के हाथ से पानी की बोतल छीनकर फेंकी तो वह रोने लगी। आवाज सुनकर बाहर आई तो वह उसे गोद में उठाने का प्रयास कर रहा था। उसके हल्ला मचाने पर वह भागने लगा। अन्य सफाईकर्मियों के साथ ही स्टाफ के अन्य लोग दौड़कर आए और उसे पकड़ लिया।

आरोपी के बदलते बयान : पहले बोला धक्का लग गया, फिर कहा रो रही थी इसलिए गोद में उठाने लगा

मासूम बालिका के अपहरण का प्रयास करते पकड़े गए सुल्तानगढ़ के कालू सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह अस्पताल में इलाज के लिए आया था। वार्ड के बाहर से निकलते समय बालिका को धक्का लग गया। फिर उसने कहा कि बालिका वार्ड के बाहर रो रही थी। इसलिए उसे उठाने लगा तो वह चिल्लाई। इस पर वह भागने लगा तो लोगों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस उसके अलग-अलग बयानों से संतुष्ट नहीं हैं। क्योंकि उसने पूछताछ में दो बार बयान बदले।

लापरवाह अस्पताल : आठ महीने से बंद हैं सीसीटीवी, कंपनी को जानकारी देकर बैठा है प्रबंधन... महात्मा गांधी अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे करीब आठ माह से बंद हैं। ऐसे में यहां हो रही आपराधिक घटनाएं कैमरों में कैद नहीं हो पा रही है। इस इस मामले में पीएमओ डॉ. एसपी आगीवाल का कहना है कि बंद कैमरों की जानकारी कंपनी को दे दी। दो-तीन दिन में कंपनी के प्रतिनिधि मरम्मत के लिए पहुंचेंगे। अस्पताल में जरूरत के अनुसार और नए कैमरे लगाए जाएंगे। अस्पताल में करीब 8 माह से कैमरे बंद है। इसकी जानकारी पहले भी कंपनी प्रतिनिधियों को दी जा चुकी है।

फिजूलखर्च : अस्पताल में सुरक्षागार्डों पर हर माह 5 लाख खर्च फिर भी बढ़ रही घटना... अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों व उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए अस्पताल परिसर में करीब 28 होमगार्ड लगा रखे हैं। इनमें महिला होमगार्ड भी शामिल हैं। एक अप्रैल से इनका वेतन दुगुना करने से तनख्वाह पर हर माह करीब पांच लाख रुपए खर्च हो रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इतनी संख्या में सुरक्षा गार्ड होने के बावजूद हर दिन जेबतराशी, मोबाइल चोरी होने जैसी घटनाएं तो हो रही हैं। अब तो बच्चियों की सुरक्षा भी खतरे में आने लगी है।

हिम्मत : नशे में था बदमाश, चार युवकों ने हिम्मत दिखाई और दबोच लिया...बालिका के अपहरण का प्रयास कर रहा बदमाश लोगों के चिल्लाने पर भागने लगा। मौजूद अस्पतालकर्मी सुनील कुमार, सोनू, पप्पू, जितेंद्र आदि ने पीछा कर पकड़ लिया। पूछताछ करने पर वह कुछ नहीं बोला तो उसे अस्पताल चौकी पुलिस को सौंप दिया। अस्पताल में बदमाशों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए मरीज के परिजनों के साथ ही अस्पतालकर्मी भी चिंतित है। अस्पताल चौकी प्रभारी भंवर सिंह का कहना है कि अस्पताल परिसर से बालिका के अपहरण का प्रयास करते पकड़ा गया कालू सिंह नशे में था। फिलहाल उसे शांतिभंग में गिरफ्तार किया। जांच के बाद उसे अन्य मामले में गिरफ्तार किया जाएगा।

कानून : बालिका को गलत आशय से छूने पर पोक्सो का अपराध, जुर्माने के साथ 7 साल तक सजा का एक्ट... सेशन कोर्ट के लोक अभियोजक राजकुमार शर्मा का कहना हैं कि बालिका को छूने का गलत आशय होने पर पोक्सो एक्ट की धारा 7 व 8 का अपराध बनता हैं। इसके तहत जुर्माने के साथ ही पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। भारतीय दंड संहिता के तहत धारा 363 का अपराध बनने पर आरोपी को सात साल की सजा का प्रावधान है।

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