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बनेठा के एक ही परिवार मेंे तीन डेंगू पॉजीटिव

3 वर्ष पहले
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उपतहसील मुख्यालय पर इन दिनों चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण धीरे-धीरे डेंगू बुखार का प्रकोप बढता जा रहा है। एक सप्ताह में पांच डेंगू पॉजीटिव मरीज मिल जाने से ग्रामीणों में डर बैठ गया है। उधर चिकित्सा विभाग के अधिकारी बेखबर है। वे एलाइजा टेस्ट को ही कंपर्म मानकर निजी अस्पतालों में डेंगू पॉजीटिव आने वाले मरीजों को गंभीर नहीं ले रहे है। इससे इसका प्रकोप बढता जा रहा है।

जानकारी के अनुसार बनेठा के वार्ड आठ निवासी फूला देवी (70) प|ी बालूदास स्वामी को गत सप्ताह बुखार आई थी। उसके बाद उन्हें परिजनों ने सआदत अस्पताल टोंक में जांच कराया तो डेंगू पॉजीटिव पाई गई। उसके बाद उसे जयपुर स्थित मालवीय नगर के निजी हाॅस्पीटल मँ भर्ती होकर करा कर ईलाज करवाया। उसके दो दिन बाद ही इसी परिवार में सीमा (32) प|ी परमेश्वर स्वामी को भी टोंक के निजी अस्पताल में कराई गई जांच में डेंगू पॉजीटिव बताया गया। बाद में उसे भी डॉक्टर की सलाह पर जयपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी दौरान शुरूआत में डेंगू पाई गई। सीमा देवी की पुत्री बबीता (12) के भी बुखार आने पर जांच करवाई तो उसे भी डेंगू पॉजीटिव पाया गया। इनका जयपुर में इलाज कराया गया,लेकिन यह थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को ही इसी वार्ड की खुशी (12) पुत्री मधु कुमार जोशी के भी बुखार आने पर टोंक के निजी अस्पताल में जांच कराई तो वह डेंगू पॉजीटिव निकली। ऐसे में उएसे भी परिजन जयपुर ले गए हैं। जहां उसका इलाज चल रहा है। इनके अलावा कस्बे मेंं सरोज देवी प|ी भोजराज जोशी समेत कई लोग इन दिनों बुखार से ग्रसित है। इसके बावजूद चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। बनेठा में डेंगू के मरीजों की स्थिति से अनभिज्ञ है। एक सप्ताह में इतने मरीज डेंगू बुखार के सामने आने से लोगों में डर है कि कई उन्हे भी डेंगू ना हो जाए। ग्रामीणों ने चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग से कस्बे मे शीघ्र फोंगिग करवाकर डेंगू पर नियंत्रण पाने की मांग की है।

नहीं दी दवाइयां, स्लाइडे लेकर की इतिश्री

आदर्श पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ मीणा ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से उच्चाधिकारियों को शिकायत करने के बाद ब्लॉक सीएमएचओ डाॅ. मनीष लोदी और हैल्थ सुपरवाइजर राजहंस गुर्जर ने तत्काल मंगलवार को बनेठा पीएचसी का निरीक्षण किया तथा टीमें गठित कर वार्ड आठ में पीडित परिवार के आसपास का परिवारों के ब्लड के सैंपल लिए गए, लेकिन चिकित्साकर्मियों ने खांसी, बुखार के मरीजों को दवाई के नाम पर एक टेबलेट तक नहीं दी। मंगलवार को चिकित्सा विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर खून की स्लाईडे ली।

करवा रहे है फोंगिग

सरकारी अस्पताल में अभी तक किसी भी मरीज ने कोई जांच नही करवाई है। मरीज सरकारी जांच नहीं करवाकर निजी अस्पताल में ही जांचे करवाने जा रहे है। ग्रामीणों की सूचना पर टीम गठित कर डेंगू मरीजों समेत घर-घर जाकर संभावित मरीज का सैंपल ले रहे है और फोंगिग भी करवाई जा रही है।

एलाइजा टेस्ट को ही कन्फर्म मानते हंै

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. भूषण सालोदिया ने बताया कि जिले में इस साल अब तक डेंगू के 20 मरीज सामने आए है। एक ही परिवार के तीन सदस्य डेंगू पॉजीटिव की जानकारी हमारे रिकॉर्ड में नहीं है। संभवत ये निजी अस्पताल या फिर कार्ड टेस्ट में डेंगू पॉजीटिव आए होंगे। नियमानुसार एलाइला टेस्ट में पॉजीटिव पाने मरीज को डेंगू का मरीज माना जाता है। इस टेस्ट से अब तक इस साल 20 मरीज पाए है। फिर भी बडी संख्या में बनेठा में बुखार व संभावित डेंगू के मरीज है तो उनका पता लगा कर राहत दी जाएगी।

बनेठा. जयपुर के निजी अस्पताल में भर्ती फूला देवी को जांच में डेंगू होना बताया है।

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