भास्कर संवाददाता | बंगा सिटी
शहीद भगत सिंह और उनके साथियों को शहीद का दर्जा दिलाने व उनके शहीदी दिवस पर देशभर में छुट्टी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे जबर विरोधी संघर्ष कमेटी के कनवीनर जसवंत सिंह की शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने लगी है।
भूख हड़ताल के छठे दिन उन्हें कमजोरी महसूस होने लगी लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी भूख हड़ताल खोलने व डाक्टरी सहायता लेने के इंकार कर दिया।
बता दें कि जसवंत सिंह ने 16 दिन पहले अपनी मांगों को लेकर संघर्ष शुरू किया था। लगातार दस दिन तक वह धरने पर रहे और फिर भूख हड़ताल शुरू कर दी। जसवंत सिंह ने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने भारत को आजाद करवाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि 23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का शहीदी दिन है। इस दिन देश में छुट्टी हो और तीनों शहीदों को सरकार की तरफ से शहीद का दर्जा दिया जाए।
खटकड़कलां में भूख हड़ताल पर बैठे जबर विरोधी संघर्ष कमेटी के सदस्य।