सवार्थ सिद्धि और शोभन योग में मनाई गई शनि जयंती
मंगलवार को स्वार्थ सिद्धि और शोभन योग के शुभ संयोग पर शनि जयंती विजयनगर स्थित शनि मंदिर में मनाई गई। भगवान शनि देव के जन्मोत्सव पर पूजा-पाठ के साथ लोगों ने बाजार में खरीदारी भी की। लोगों ने भगवान शनि को तेल चढ़ाने के साथ ही शनि से जुड़ी वस्तुओं का दान भी किया। शनि मंदिर के पुजारी बिट्टू झा ने बताया कि ज्येष्ठ मास की अमावस्या को सूर्य पुत्र शनि देव का जन्मोत्सव माना जाता है। इस बार ज्येष्ठ अमावस्या 15 मई यानि मंगलवार को पड़ा। संयोग से इस दिन सवार्थ सिद्धि व शोभन योग आ रहा है। मंगलवार का दिन होने के साथ भरणी नक्षत्र तथा शोभन योग रहा। शनि जयंती पर लोग शनि महाराज का पूजन-अर्चन अभिषेक तो किया ही, साथ ही साथ सर्वार्थ सिद्धि योग में बाजार से खरीदारी भी की। मेढ़पति संतोष सिंह उर्फ नन्हें सिंह ने बताया कि 28 मई को शनि भगवान को 56 भोग चढ़ाने के साथ-साथ विशेष पूजा होगी। शनि मंदिर के पुजारी बट्टू झा ने बताया कि शनि अभी वक्र चल रहे हैं।