सदर अस्पताल में एक पखवाड़े से नहीं है एक भी यूनिट रक्त, रेफर किए जा रहे मरीज
सदर अस्पताल के रक्त संग्रहण केंद्र में बीते एक मई से एक भी यूनिट रक्त उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में रक्त उपलब्ध नहीं होने से आपतकालीन स्थिति में मरीजों को रेफर किया जा रहा है। इस वजह से मरीजों और परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि 100 बेड के अस्पताल हाेने के बावजूद यहां डोनर से ब्लड लेने की व्यवस्था नहीं है। जब कभी 10 से 12 संख्या में डोनर जमा होते हैं, तब जेएलएनएमसीएच भागलपुर से स्वास्थ्य कर्मी पहुंचकर रक्तदान संपन्न कराते हैं। कम डोनर मिलने पर रक्तदान नहीं हो पाता है। इस कारण अस्पताल में हमेशा रक्त की कमी रहती है।
42 किलोमीटर दूर भागलपुर के जेएलएनएमसीएच से लाते हैं रक्त
सदर अस्पताल के रक्त संग्रहण केंद्र में एक बार में मात्र दो-तीन यूनिट रक्त रखने की व्यवस्था है। ब्लड खत्म होने पर भागलपुर स्थित जेएलएनएमसीएच से ब्लड मंगाया जाता है। जबकि भागलपुर यहां से 42 किलोमीटर दूर है। इमरजेंसी में मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
अस्पताल में नहीं है ब्लड डोनेट करने की सुविधा, भागलपुर से टीम आकर कराती है ब्लड डोनेट
बांका सदर अस्पताल
रक्तदान नहीं होने से होती है दिक्कत
100 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में जिले भर से सड़क दुर्घटना में जख्मी हुए लोगों व प्रसूताओं को भर्ती कराया जाता है। ऐसे मरीजों को अक्सर रक्त चढ़ाने की नौबत आती है। अस्पताल में रक्त लेने के बाद मरीजों के परिजनों की ओर से ब्लड डोनेट करने का नियम होता है। लेकिन यहां ब्लड डोनेट तभी हो पाता है जब जेएलएनएमसीएच भागलपुर से इसके लिए टीम अाती है। यह टीम 10 से 12 की संख्या में डोनर उपलब्ध होने के बाद ही पहुंचती है। दो या तीन डोनर होने पर टीम भागलपुर से टीम नहीं आती है। इस वजह से सदर अस्पताल में हमेशा ब्लड की कमी बनी रहती है।
प्रस्ताव के बाद भी नहीं बना है ब्लड बैंक
बांका सदर अस्पताल में ब्लड बैंक बनाने के लिए प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इसके लिए डॉ. सुनील चौधरी को ट्रेनिंग भी करायी गई है। लेकिन ब्लड बैंक की आधारशिला अभी तक नहीं रखी गई है। अस्पताल में ब्लड बैंक कहां बनेगा वह भी चिह्नित कर लिया गया है, फिर भी काम शुरू नहीं हो पाया है।
लाइसेंस मिलने पर बनेगा ब्लड बैंक
सदर अस्पताल में ब्लड बैंक जल्द तैयार होगा। लाइसेंस मिलने के बाद ब्लड बैंक बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर पहल की जा रही है। -डा. सुधीर कुमार महतो, सिविल सर्जन, बांका
बंद पड़ा ब्लड बैंक