भास्कर न्यूज | कोलेबिरा /बानो
कोलेबिरा प्रखंड में ग्रामसभाओं के वन अधिकार पर जागरूकता कार्यक्रम तथा साइनबोर्ड लगाने का आयोजन किया गया। कोलेबिरा के कल्हाटोली में ग्रामसभा को वन अधिकार कानून 2006 के तहत साइनबोर्ड स्थापित किया गया और जंगल तथा जीव-जंतुओं की रक्षा पर विमर्श किया गया। जंगलों की रक्षा करके पर्यावरण को मानव समाज के अनुकूल बनाने पर चर्चा करते हुए जंगल बचाओ अभियान के विक्सल कोनगाड़ी ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार आदिवासी भाषा संस्कृति, परंपरा और रीति रिवाज को खत्म करना चाह रही है। इसके लिए सरकार संविधान और आदिवासियों से जुड़े कानूनों को कमजोर कर रही है। वक्ता सुधीर कंडुलना, तेलेस्फोर टोपनो, समर्पण सुरीन, कोलेबिरा के प्रखंड प्रमुख दीपक कंडुलना, मुखिया उम्बलन डांग, वन अधिकार मंच की संयोजक रोज खाखा सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे और ग्रामीणों को वनों के बारे मिले अधिकार के बारे जानकारी दी। आयोजन में निकोलस बरजो, लौलीन बरजो, कलेप बरजो, मारकुस बरजो, अनूप डांग, शनिचर पाहन, त्योफिल डांग, विलियम डांग, नैमन डांग, नेलशन डांग, इमानुएल सोरेंग, हुकुम पाहन, अमृत सोरेंग, सिलवेस्तर बरजो सहित कई लोग उपस्थित थे।
कल्हाटोली में स्थापित हुआ सीमांकन बोर्ड
आयोजन में कल्हाटोली, रामजड़ी आैर टूटीकेल की महिलाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
इसके बाद कल्हाटोली के समीप सीमांकन बाेर्ड स्थापित किया गया। स्वागत गीत की प्रस्तुति में सुनीता सोरेंग, कोलस्टिका सोरेंग, सुषमा डुंगडुंग, एमरेन सोरेंग, मोनिका बरजो और ज्योति सोरेंग आदि शामिल थे।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण।
कार्यक्रम को संबोधित करते विक्सल कोनगाड़ी।