कल तक घर के अंदर रहने वाली व किसी से बात करने में संकोच करने वाली ग्रामीण महिलाएं आज गांव समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। बंशीधर नगर अनुमंडल जैसे पिछड़े इलाकों में झारखंड लवली हुड प्रमोशन सोसाइटी की महिलाएं बढ़ चढ़कर ग्रामीण महिलाओं को अपने साथ जोड़ बचत के साथ स्वरोजगार पर विशेष जोर दे रही हैं, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। बंशीधर नगर प्रखंड के बिलासपुर, हनुमंता, जमुआ, नरखोरिया, कुंबा , हुलहुला, पिंडारिया सहित अन्य ग्रामीण इलाकों में करीब 5500 की संख्या में समूह की महिलाओं स्वावलंबन की ओर बढ़ रही हैं। समूह से जुड़ने से पहले घर की स्थिति और अब की स्थिति खुद ये महिलाएं बताती हैं। महिलाओं की माने तो दो वर्ष पहले शून्य से शुरु कर ये लोग अब प्रतिमाह इन लोगों की बचत करीब 7000 रुपए की है। जिससे अपने परिवार को चलाने में भी वे सक्षम हैं। समूह से जुड़ने से पहले इनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। अबतक बंशीधर नगर में इस संस्था के माध्यम से कुल 550 स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है। इन समूहों की बैठक महीना में दो बार की जाती है। जिसमें पिछले बैठक के क्रियाकलाप और लेनदेन पर चर्चा होती है। वहीं आगामी दिनों की रूपरेखा तैयार की जाती है। इन समूहों के माध्यम से दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सखी मंडलों का संचालन होता है।
ग्रामीण विकास विभाग के जरिये झारखंड लवली हुड प्रोमोशन सोसाइटी के तहत गठित सखी मंडल अब सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं लाभुकों के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा हैं। एक सखी मंडल से 10 से 15 ग्रामीण महिलाओं को जोड़ा जाता है। आजीविका मिशन की ओर से उन्हें चक्रीय निधि दी जाती है। और माइक्रो क्रेडिट प्लान बनता है। ताकि उन्हें आर्थिक सहायता मिले। राज्य सरकार झारखंड लवली हुड प्रोमोशन सोसाइटी ने सखी मंडल के जरिये पंचायत स्तर पर सामुदायिक सेवा केंद्र की शुरुआत करने जा रही है।
बैठक करतीं समूह की महिलाएं।
परिवार का खर्च चलाने में भी परेशानी हो रही थी : पिंकी
झारखंड लवली हुड प्रमोशन सोसाइटी की अध्यक्ष पिंकी देवी ने कहा कि दो वर्ष पहले उनके समूह की एक भी महिला ऐसी नहीं थी जो आर्थिक तंगी में नहीं थी। वह स्वयं भी काफी परेशान थीं। परिवार का खर्च चलाने में भी परेशानी हो रही थी। ऐसे में घर की दहलीज लांघना उनकी मजबूरी थी। लेकिन हिम्मत कर उन लोगों ने इस सोसाइटी के बैनर तले कार्य शुरु किया।
बीमार पशु की देखरेख के लिए पशु सखी मंडल बनाया
बैंक आने वाली महिलाआें का िकया सहयोग
ग्रामीण इलाकों में कोई भी पशु बीमार है तो इस समूह की महिलाएं पशु का देख-रेख के साथ मुफ्त दवा उपलब्ध कराती है। इसके लिए पशु सखी का गठन किया गया है। साथ ही बैंक में महिलाओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए बैंक सखी का गठन किया गया है। इसके लिए इस समूहों की कम से कम एक महिला सदस्य प्रत्येक बैंक में मौजूद रहतीं है। जो ग्रामीण क्षेत्र से आई नई महिलाओं को बैंक के कार्यों में सहयोग करती है।
शौचालय के लिए ग्रामीणों को कर रही हैं जागरूक
सखी मंडल समूह की महिलाओं के द्वारा ग्रामीण इलाकों में शौचालय बनवाने के लिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिन ग्रामीणों के पास पैसा नहीं है उस ग्रामीण को समूह की और से शौचालय बनाने के लिए पैसा दिया जाता है। समूह के द्वारा लोगाें को जागरूक किया जा रहा है कि बाहर में शौच करना गलत है। सभी लोग घर में शौचालय का निर्माण कर उपयोग करे और स्वच्छता के प्रति जागरूक हो।