बानसूर-अलवर सड़क मार्ग स्थित गांव हाजीपुर में पिछले दो दशक से चल रही स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की निशुल्क व्यवस्था ग्रामीणों के सहयोग से जारी है। ग्रामीणों के सहयोग से चलाई जा रही निशुल्क शीतल पेयजल व्यवस्था क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण बन चुका है। भीषण गर्मी में सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक ग्रामीण आने-जाने वाले वाहनों को रोककर यात्रियों को पानी पिला रहे है। बानसूर-अलवर सड़क मार्ग पर पूरे दिन, कोटपूतली, खैरथल, तिजारा, अलवर, सीकर, जयपुर मार्ग की रोडवेज बसें एवं निजी वाहन इन्हीं मार्गों से गुजरते हैं। गांव के लोग इन मार्गों से गुजरने वाले वाहनों को रोककर यात्रियों को ठंडा पानी पिलाकर पुण्य कार्य में जुटे हुए हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग ने वरिष्ठ लिपिक पद से सेवानिवृत हो चुके मुनिसिंह शेखावत ने बताया कि आज से अठारह वर्ष पूर्व वर्ष 2001 में जोगेन्द्र सिंह शेखावत ने हाजीपुर बस स्टैंड पर एक अस्थाई झोपड़ी बनवाकर तथा उसमें मिटटी के मटके रखवाकर एक ग्रामीण को मासिक पारिश्रमिक पर रखा और बस स्टैंड स्थित हैंडपंप से पानी भर-भरकर स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की प्याऊ का शुभारंभ किया। कालांतर में हैंडपंप का पानी सूख गया और तब समाजसेवी मंगतराम शर्मा ने अपना पानी का टैंकर प्याऊ के लिए निशुल्क सहयोगार्थ उपलब्ध करवाया। गांव के भरत सिंह व गोपीसिंह शेखावत ने अपनी बोरिंग से स्वयं के ट्रैक्टर लगाकर टैंकरों से पेयजल की व्यवस्था की। साथ ही गांव के शेखावत परिवार के कुछ लोग स्वेच्छा से सहयोग के लिए आगे आए। उपरोक्त बोरिंग में पानी सूख जाने के बाद पूर्व सरपंच गुलाब सिंह शेखावत ने अपनी बोरिंग से टैंकर भरकर सहयोगार्थ लगाया। शेखावत ने बताया वर्तमान में कुबेर सिंह शेखावत व गुलाब सिंह शेखावत दोनों के टैंकर इस सेवा मे नियमित लगे हुए है जिनसे प्रतिदिन एक से दो टैंकर पानी लाया जाता है। सन 2001 से ही इस प्याऊ की व्यवस्था प्रतिवर्ष महावीर जयंती से आरंभ की जाती है। उसी दिन इस गांव की पहाड़ी पर किले वाले हनुमानजी का मेला भरता है जिससे आसपास के कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। प्याऊ की व्यवस्था मानसून आने तक चलती है। वर्तमान में रामवतार सैनी उर्फ गोल्या, गिर्राज कीर, रामवतार कुम्हार व धूणाकीर साधारण मासिक पारिश्रमिक पर सेवा दे रहे हैं। कुबेर सिंह शेखावत गांव के मोहल्लों से प्रतिदिन जानकारी लेकर शाम को अपने ट्रैक्टर से जरूरतमंद घरों के सामने ट्रैक्टर-टैंकर ले जाकर शेष बचे पानी को उपयोग हेतु निशुल्क वितरित करते हैं।
बानसूर. रोडवेज बस में पानी पिलाते सेवादार।