कथा वाचक महाराज जुगल किशोर महाराज ने भागवत कथा के माध्यम से कर्म व मन का महत्ता बताते हुए कहा कि मनुष्य जो मन मे सोचता वहीं कर्म करता है। इसलिए मनुष्य को सदैव अपना मन ईश्वर के प्रति समर्पित रखना चाहिए। महाराज जुगल किशोर सोमवार को उपखंड क्षेत्र के ग्राम ज्ञानपुरा में नगर परिषद के पूर्व आयुक्त ठाकुर रोशन सिंह शेखावत व अलवर यूआईटी चेयरमैन देवीसिंह शेखावत परिवार की ओर से आयोजित भागवत गर्जना कथा के छठवें दिन श्रोताओं को कथा सुना रहे थे। महाराज जुगल किशोर ने भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला, नटखट बचपन व वृदांवन का रास आदि प्रसंग का वर्णन किया। इस अवसर पर अलवर यूआईटी चेयरमैन देवीसिंह शेखावत, एसडीएम गोपाल सिंह शेखावत, प्रताप सिंह शेखावत, एसीजेएम शक्ति सिंह, श्री देव आयुष, पूर्व विधायक कृष्ण मुरारी गंगावत, बस्तीराम यादव, बिजेन्द्र सिंह बबेली आदि मौजूद रहे।
भागवत कथा शुरू (खैरथल) : कस्बे के मोटलों की धर्मशाला में दिव्य संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। कथा पूर्व रविवार काे सुबह कस्बे के प्रमुख मार्गाें से गाजे-बाजे के साथ ठाकुर जी मंदिर से महिलाअाें ने कलश यात्रा निकाली जिसका जगह-जगह स्वागत किया गया। कथा का वाचन माेटलाें की धर्मशाला में 26 मई शनिवार तक प्रतिदिन दाेपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। 27 को प्रसाद वितरण किया जाएगा।
गांव ज्ञानपुरा में भागवत गर्जना का आयोजन
बानसूर. ज्ञानपुरा में चल रही भागवत कथा के दौरान मौजूद कथा वाचक व श्रद्धालु।
मनुष्य को सही मार्ग दिखाती है भागवत गीता
रैणी | कस्बे के वनखंडी महादेव मंदिर परिसर में हरिनाथ महाराज के सानिध्य में चल रहे नव कुंडीय रूद्र यज्ञ व भागवत कथा ज्ञान सप्ताह में वेद मंत्रों के साथ आहुतियां दी गई व श्रद्धालुओं को भागवत गीता के महात्म्य के बारे में बताया। नव कुंडीय रूद्र यज्ञ के दूसरे दिन रूद्र सूक्त , पुरुष सूक्त व सहस्त्र नामावली के मंत्रों की आहुतियां दी गई। वहीं भागवत कथा के प्रथम दिन कथा के महात्म्य के साथ धुंधकारी की कथा का रोचक वर्णन किया गया। कथा सुनकर श्रोता सुनकर भाव विभोर हो गये उसके बाद प्रसादी का वितरण किया गया। महिलाओं ने यज्ञशाला व वनखंडी महादेव की परिक्रमा कर मनौती मांगी। इस मौके पर यज्ञाचार्य िष्णुदत्त शास्त्री, हनुमान प्रसाद शास्त्री, रैणी सरपंच हरिसिंह मीणा, विजय हलवाई आदि मौजूद थे।
दो दिवसीय रामायण पाठ का हुआ समापन्न (खेड़ली) : कस्बे केे जगदम्बा पैलेस में दो दिवसीय 108 रामायण अखंड पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान त्रिवेणी धाम के पद्मश्री विभूषित महंत नारायण दास महाराज का आगमन भी हुआ। कार्यक्रम के तहत 20 मई को 108 संगीतमय रामचरित मानस का अखंड पाठ एक साथ शुरू किया गया था जिसका सोमवार को दोपहर को समापन किया गया। इस दौरान हवन में पूर्णाहुति दी गई जिसमें महंत नारायण दास महाराज ने भाग लिया तथा रामचरित मानस का पाठ भी किया।