भास्कर न्यूज | अलवर/थानागाजी
सरिस्का बाघ परियोजना में बसे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सोमवार को सरिस्का बाघ परियोजना में बसे ग्रामीणों की भर्तृहरि तिराहा पर सूरज नाथ आश्रम में किसान महापंचायत हुई। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) टिकैत के बैनर तले हुई महापंचायत में थानागाजी, राजगढ़ व बानसूर तहसील के गांवों के लोग शामिल हुए। सरिस्का में बसे ग्रामीणों की मांगों को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से दो दौर की वार्ता हुई लेकिन नतीजा नहीं निकला। इसके बाद ग्रामीण सरिस्का तिराहा पहुंच गए और पड़ाव डालकर अनिश्चतकालीन धरना शुरू कर दिया। अधिकारियों के समझाने के बाद शाम को 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अलवर में मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) कार्यालय पहुंचा। पुलिस, प्रशासन एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई वार्ता रात दस बजे िवफल हो गए। इसके बाद किसानों ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया। महापंचायत में किसान नेताओं ने कहा कि सरिस्का वन प्रशासन नियमों की आड़ में ग्रामीणों के अधिकारों का हनन कर रहा है। ग्रामीणों पर झूठे मुकदमे लगाना, रिहायशी पट्टे नहीं देना, बिजली कनेक्शनों के लिए एनओसी नहीं देना, जमीनों की रजिस्ट्री नहीं करने देने सहित अनेक मूलभूत आवश्यकताओं में अड़चन पैदा करते हैं। इन सब के समाधान के लिए किसान नेताओं ने वन अधिकारियों के साथ वार्ता कर समाधान करने के लिए महापंचायत का आयोजन किया। किसान नेताओं ने प्रशासन को तीन बजे तक का समय देकर वार्ता के लिए कहा। सबसे दौर की वार्ता के लिए मालाखेड़ा थानाधिकारी महेश शर्मा ने के साथ हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद तहसीलदार मिथलेश मीणा व डीएसपी ग्रामीण सांवर मल नागौरा के साथ वार्ता हुई। किसान इस बात पर अड़े रहे कि वे जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित व सीसीएफ गोविंद सागर भारद्वाज से ही बात करेंगे। दूसरे दौर की वार्ता विफल होने के बाद शाम साढ़े चार बजे किसान सरिस्का तिराहा पर पहुंच गए और पड़ाव डालकर अनिश्चतकालीन धरना शुरू कर दिया। दो दौर की वार्ता विफल होने के बाद डीएसपी सांवरमल नागौरा ने अधिकारियों से बात की। इसके बाद किसानों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अलवर सीसीएफ कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के प्रदेश महासचिव भूपत सिंह बाल्याण, प्रदेश महामंत्री जयकिशन गुर्जर,जिला महासचिव पेमा राम सैनी,रामकरण, शिवलाल, सुवालाल, बोदूराम, मनुराम, रामजीलाल, श्रवण व महेश शामिल थे। वार्ता में एसडीएम मिलाप सक्सेना, सीसीएफ गोविंद सागर भारद्वाज, डीएफओ हेमंत शेखावत, डीएफओ बालाजी करी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मूलचंद राणा, डीएसपी सांवर मल नागौरा, मालाखेड़ा तहसीलदार मिथलेश मीणा मौजूद थी।
थानागाजी. सूरजनाथ की बगीची में पंचायत करते किसान।
परेशानी : बाजार बंद, नहीं चली पर्यटक जिप्सियां
किसान महापंचायत के आह्वान पर भर्तृहरि, कुशालगढ़, माधोगढ़ सहित आसपास के क्षेत्र के बाजार बंद रहे। सरिस्का में भी पर्यटक वाहन नहीं चले। किसान महापंचायत ने पार्टी नेताओं से दूरी बनाए रखी। भाजपा व कांग्रेस से अगर कोई जनप्रतिनिधि पहुंचा भी तो उसे मंच से दूर रखा।
आरोप : अधिकारी नहीं करते समझौते का पालन
भूपत बाल्याण का कहना है कि मांगों को लेकर कई बार वन व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लिखित में समझौते हुए लेकिन उनकी पालना नहीं हुई। मजबूरी में उन्हें धरना देना पड़ रहा है। हम 2013 में प्रशासन के साथ हुए समझौते की पालना कराना चाहते हैं लेकिन अधिकारी इस पर राजी नहीं हुए। इस कारण वार्ता विफल हो गई। िकसानों का आंदोलन जारी रहेगा।