बांसवाड़ा। पुलिस विभाग की कार्यशैली पर पिछले कुछ समय से
बांसवाड़ा। पुलिस विभाग की कार्यशैली पर पिछले कुछ समय से लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब एक और नया मामला सामने आया है। इस बार शिकायत खुद एसपी दफ्तर में काम कर चुके मुंशी ने की है।
मुंशी 12 महीनों से 21 लाख की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराने को लेकर कोतवाली और राजतालाब चौकी के चक्कर काट रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। फरियादी पावती रसीद लेकर थाने आ रहा है लेकिन हर बार उसे लौटा दिया जा रहा है। 71 वर्षीय शहर निवासी न्याज मोहम्मद की शिकायत है कि करीब 1 साल पहले शहर में एक चिटफंड कंपनी ने एजेंट बनाकर कई लोगों से 21 लाख से ज्यादा रुपयों की धोखाधड़ी की। वह खुद भी इन ठगों के झांसे में आ गए।
इसकी शिकायत दर्ज कराने के लिए न्याज मोहम्मद ने एसपी को परिवाद दिया था। इसके बाद मार्च में परिवाद सौंपा। जिसकी जांच राजतालाब चौकी प्रभारी को दी। लेकिन कुछ दिन बाद चौकी पर जाने पर बताया कि वहां कोई परिवाद ही नहीं है। जबकि इसकी पावती रसीदन्याज के पास है। न्याज मोहम्मद ने खमेरा, दानपुर और एसपी कार्यालय में बतौर मुंशी काम किया है। बावजूद उन्हें ही अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए इस तरह परेशान होना पड़ रहा है।
ये है पूरा मामला
स्वराष्ट्र विनिवेश प्रमोटर्स इंडिया लिमिटेड कंपनी ने लुभावनी योजनाओं का झांसा देकर कई एजेंट बनाए। न्याज मोहम्मद भी कंपनी के झूठे प्रचार के झांसे में आ गए। कंपनी ने ग्राहक बनाकर खाते खुलवाए और कई लाेगों के रुपए जमा कराए। इस प्रकार कंपनी ने अलग-अलग एजेंटों के मार्फत 21 लाख से ज्यादा रुपए जमा करवाकर हड़प लिए। कई लोगों के लाखों रुपए फंसे पड़े है लेकिन अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।