भास्कर संवाददाता|बांसवाड़ा/चििड़यावासा
मानसून आगामी 25 से 30 दिनों बाद दस्तक देने को है और नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर बड़ी संख्या में झुके हुए नीलगिरी के पेड़ कभी भी बड़ी दुर्घटना या जनहानी का सबस बन सकते हैं।
शहर में कस्टम चौराहे से लेकर दाहोद रोड पर वन विभाग की दीवार से सटे नीलगिरी के बड़े पेड,उदयपुर रोड पर डांगपाड़ा, चिड़ियावासा, मोरड़ी से लेकर लसाड़ा स्थित माही पुल तक झुके हुए नीलगिरी के पेड़ों की वजनी शाखाएं कभी भी गिरने की स्थिति में हैं और मानसून की दस्तक के साथ चलने वाली तेज हवाओं के कारण बड़ा पेड़ झुक कर सड़क पर गिर सकता है, जिससे दिन या रात में वाहनों का आवागमन कई घंटों तक बाधित होने की स्थिति स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। नेशनल हाईवे सड़क पर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को और स्टेट हाईवे पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के पेड़ों की शाखाओं की कटाई-छंगाई करवानी है लेकिन अभी तक इस काम को अंजाम नहीं देने से प्रतिदिन और प्रतिपल वाहनों का आवागमन खासा असुरक्षित हो गया है।
बांसवाड़ा. नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर बड़ी संख्या में झुके हुए नीलगिरी के पेड़।
नेशनल हाईवे 927 ए पर भी हैं ऐसे ही हालात
बांसवाड़ा से डूंगरपुर-खैरवाड़ा मार्ग पर कूपड़ा, शिवपुरा, सुंदनपुर, सागेता और उससे आगे सागवाड़ा, डूंगरपुर, खेरवाड़ा मार्ग पर बड़ी संख्या में नीलगिरी आदि के पेड़ झुके हुए हैं,जिन पर ध्यान नहीं देने से मानसून में वाहनों का आवागमन काफी असुरक्षित हो जाएगा।
बड़गांव के पास हाईवे पर झुकी बबूल के पेड़ की टहनियां तेज हवा में टूट रही
हाईवे पर झुके पेड़ों की सूखी टहनियां टूट कर गिर रही है। वाहनों की आवाजाही के समय ये भारी व बड़ी टहनियां गिरने से बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। खासकर नीलगिरि और बबूल के पेड़ ज्यादा ही झुक गए हैं। जो तेज हवा व आंधी में गिर रहे हैं।