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स्कूलिंग के दौरान ही आईआईटी-जेईई जैसे प्री फाउंडेशन कोर्स की तैयारी जरूरी

3 वर्ष पहले
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स्कूलिंग के साथ ही भविष्य में किस फील्ड में जाना अच्छा रहेगा, आज यह एक बड़ा सवाल है। सभी सोचते है कि पहले स्कूल पूरी कर लें, फिर आगे की सोचेंगे। बस इसी के कारण हमारे यहां के बच्चे पिछड़ जाते हैं। आज जमाना स्कूलिंग के साथ ही प्री फाउंडेशन कोर्स जैसे आईआईटी, जेईई, सीपीटी आदि की तैयारियों का है।

बच्चों के मार्गदर्शन और अभिभावकों की जिज्ञासाओं को दूर करने के लिए भास्कर के संवाद कार्यक्रम में काउंसलर दिलेन्द्र जैन ने बच्चों के सवालों के जवाब में यह बात कही। उनके पास अधिकतर ऐसे बच्चों के फोन आए जो नौंवी और दसवीं के बाद आगे तैयारी कैसे करें, से संबंधित थे। काउंसलर दिलेन्द्र जैन ने उनको गाइड किया। उन्होंने विज्ञान और गणित के विषय में करिअर के बारे में बताया और इसकी तैयारियों के गुर सिखाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी फील्ड में सफलता की गारंटी केवल तीन चीजें दे सकती है। 8 घंटे नियमित मेहनत और पढ़ाई, 2 घंटे का रिवीजन और पॉजीटिव सोच। जब तक हम स्वयं यह तय नहीं कर लेते हैं कि हमें करना क्या है, तब तक हमारा भविष्य भी तय नहीं कर पाएगा कि इस बच्चे को बनाना क्या है। हैरानी की बात है कि अधिकतर बच्चों के दिमाग में अभी केवल कोटा में ही अच्छी पढ़ाई होने की बात बसी हुई है। हमारे काउंसलर जैन ने बताया कि आज बांसवाड़ा में कई अच्छे कोचिंग सेंटर है। सीकर और उदयपुर में भी काफी संभावनाएंं बन गई है। जीएसटी के बाद कॉमर्स के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाए है। आज बच्चों से अधिक जिम्मेदारी अभिभावकों की है कि वे अपनी बच्चे की रुचि को जाने। ऐसा करके वे उसके विषय से जुड़ी अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलवा सकते हैं। इसका परिणाम भी उनको शानदार मिलेगा। आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाआें में मुकाबला और कड़ा होगा, ऐस में समय रहते ही इस दिशा में काम करना चाहिए।

काउंसलर दिलेन्द्र जैन मार्गदर्शन देते हुए।

भास्कर संवाददाता|बांसवाड़ा

स्कूलिंग के साथ ही भविष्य में किस फील्ड में जाना अच्छा रहेगा, आज यह एक बड़ा सवाल है। सभी सोचते है कि पहले स्कूल पूरी कर लें, फिर आगे की सोचेंगे। बस इसी के कारण हमारे यहां के बच्चे पिछड़ जाते हैं। आज जमाना स्कूलिंग के साथ ही प्री फाउंडेशन कोर्स जैसे आईआईटी, जेईई, सीपीटी आदि की तैयारियों का है।

बच्चों के मार्गदर्शन और अभिभावकों की जिज्ञासाओं को दूर करने के लिए भास्कर के संवाद कार्यक्रम में काउंसलर दिलेन्द्र जैन ने बच्चों के सवालों के जवाब में यह बात कही। उनके पास अधिकतर ऐसे बच्चों के फोन आए जो नौंवी और दसवीं के बाद आगे तैयारी कैसे करें, से संबंधित थे। काउंसलर दिलेन्द्र जैन ने उनको गाइड किया। उन्होंने विज्ञान और गणित के विषय में करिअर के बारे में बताया और इसकी तैयारियों के गुर सिखाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी फील्ड में सफलता की गारंटी केवल तीन चीजें दे सकती है। 8 घंटे नियमित मेहनत और पढ़ाई, 2 घंटे का रिवीजन और पॉजीटिव सोच। जब तक हम स्वयं यह तय नहीं कर लेते हैं कि हमें करना क्या है, तब तक हमारा भविष्य भी तय नहीं कर पाएगा कि इस बच्चे को बनाना क्या है। हैरानी की बात है कि अधिकतर बच्चों के दिमाग में अभी केवल कोटा में ही अच्छी पढ़ाई होने की बात बसी हुई है। हमारे काउंसलर जैन ने बताया कि आज बांसवाड़ा में कई अच्छे कोचिंग सेंटर है। सीकर और उदयपुर में भी काफी संभावनाएंं बन गई है। जीएसटी के बाद कॉमर्स के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाए है। आज बच्चों से अधिक जिम्मेदारी अभिभावकों की है कि वे अपनी बच्चे की रुचि को जाने। ऐसा करके वे उसके विषय से जुड़ी अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलवा सकते हैं। इसका परिणाम भी उनको शानदार मिलेगा। आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाआें में मुकाबला और कड़ा होगा, ऐस में समय रहते ही इस दिशा में काम करना चाहिए।

बच्चों ने पूछे सवाल तो काउंसलर ने यह दिए जवाब

सवाल : नौवीं और दसवीं की पढ़ाई के साथ गणित एवं विज्ञान के क्षेत्र में भविष्य की तैयारियां कैसे और कहा की जा सकती है?

संस्कार कलाल,गांगड़तलाई

जवाब: नौंवी और दसवीं की पढ़ाई के साथ डॉक्टर एवं इंजीनियर बनने के लिए बांसवाड़ा, उदयपुर, कोटा, सीकर में तैयारी की जा सकती है। इन सभी स्थानों पर अच्छे कोचिंग सेंटर है। जो आपको बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध करवाते हैं।

परतापुर के एक ही घर से भाई-बहन ने किए अलग-अलग फोन, पूछी भविष्य में शिक्षा के लिए क्या करें प्लानिंग

भास्कर संवाद के दौरान परतापुर से ही घर से भाई अनुभव सवोत और बहन नेहल सवोत ने काउंसलर दिलेन्द्र जैन से फोन कर अपनी जिज्ञासा दूर की। दोनों भाई बहनों ने अलग-अलग फोन से हमारे काउंसलर से बात की।

सवाल : कामर्स लेना कैसा रहेगा। इसमें आगे क्या संभावनाएं है ? अनुभव सवोत, परतापुर

जवाब : आज के समय में कर प्रणाली बहुत की पारदर्शी होती जा रही है। ऐसे में काॅमर्स विषय लेकर आगे पढ़ना चाहते है तो वर्तमान में यह एक अच्छा विकल्प है। इसमें आप आगे चलकर सीए, सीएस बन सकते हैं। एमबीए, बीबीए का कोर्स कर मैनेजमेंट फील्ड में जाकर केरिअर बना सकते हैं।

सवाल : 12वीं के बाद बीएससी इंटीग्रेटेड कोर्स करना बेहतर रहेगा या फिर सामान्य कोर्स ?

साकेत शर्मा, त्रिपुरा कॉलोनी, ठीकरिया

जवाब : यदि आप गणित, विज्ञान विषय के अध्यापक बनना चाहते हैं एवं बीएससी एवं बीएड करने के इच्छुक है तो आपके लिए बीएससी बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स करना बेहतर रहेगा। सामान्य कोर्स की तुलना में इंटीग्रेटेड कोर्स में बार-बार प्रवेश लेने एवं प्रवेश परीक्षा देने की परेशानी से बचा जा सकता हैं।

सवाल : 10वीं के बाद मैं जीव विज्ञान विषय लेकर आगे पढ़ना चाहता हूं। इस विषय में कॉलेज स्तर पर अधिक खर्चा तो नहीं करना पड़ेगा।-विशाल जैन, खांदू कॉलोनी

जवाब : यदि आप अच्छे अंकों के साथ पास होकर सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में अध्ययन करते हैं तो आपको कम खर्च में बीएससी एवं एमएससी तक की पढ़ाई करने में सुविधा मिलेगी।

सवाल : आईआईटी, जेईई की कोचिंग कहां की जा सकती है ? नेहल सवोत, परतापुर

जवाब : आईआईटी, जेईई की तैयारी के लिए बांसवाड़ा में भी कई कोचिंग सेंटर है। उदयपुर,कोटा और सीकर भी इस कोर्स के लिए अच्छे विकल्प है। बांसवाड़ा में अगर आप कोचिंग करते है तो परतापुर से रोज आना-जाना हो सकता है ।

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