सहस्त्र औदिच्य ब्राह्मण समाज के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा में पढ़ाई में अच्छे विशेषज्ञों का मार्ग दर्शन मिले इसके लिए जिला स्तर पर निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। 20 मई से शुरू हुई पहल में रविवार को इतिहास के विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है।
जिसमें उदयपुर से आए डॉ. दिनेश बंसल ने राजस्थान के इतिहास की जानकारी दी और विद्यार्थियों की उलझनों को दूर किया। इस अवसर पर बंसल ने कहा कि इतिहास को हमेशा हार्ड विषय माना जाता है, लेकिन वह काफी सरल है। इतिहास में रुचि जागृत करने से यह और अधिक आसान हो जाता है।
भामाशाह भी सहयोग के लिए आए आगे
समाज के जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र पंड़्या ने कहा कि हमारे समाज के लोग कई दूरस्थ जगहों पर जाकर कोचिंग, ट्रेनिंग लेते हैं। जिसमें काफी धन खर्च बढ़ जाता है। महज नौकरी की जरूरत को देखते हुए लोग यह खर्च भी वहन करते हैं। ऐसे में समाज द्वारा यह निर्णय लिया गया कि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में विशेषज्ञों का परामर्श मिले। इसमें आने वाले खर्च को वहन करने के लिए समाज के ही कई भामाशाह आगे आ चुके हैं। फैकल्टी के मानदेय को लेकर प्रति सप्ताह 5 हजार का खर्च वहन करने के लिए अब तक 14 भामाशाह तैयार हुए हैं। 2000 रुपए का सहयोग बड़ोदिया निवासी उमेश जोशी द्वारा किया गया।
निशुल्क कोचिंग कक्षा में मौजूद इतिहास के विद्यार्थी और समाजजन।