बांसवाड़ा। जेल में निरूद्ध महिला बंदी और उनके साथ निवासरत बच्चों के लिए विधिक सेवाओं दिलाने और नालसा द्वारा जारी स्कीम के उद्देश्यों को पूरा करने अब 10 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए एक टीम भी गठित की गई है। पहले दिन गुरुवार को 8 सदस्यीय टीम ने जिला कारागृह में महिला बंदियों से बात कर परिचय किया। टीम ने महिला बंदियों को अभियान के मंशा के बारे में बताया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश देवेंद्र प्रकाश शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुलदीप सूत्रकार और पूर्ण प्राधिकरण के पूर्ण कालिक सचिव नारायण प्रसाद ने महिला बंदियों से बात कर जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान जालियां टूटी हुई पाई और शौचालयों में गंदगी मिली। जिस पर न्यायाधीश ने जालियों को ठीक करवाने और साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। साथ ही निशुल्क विधिक सहायता के तहत ऐसे बंदियों की जानकारी ली गई जिनके पास अधिवक्ता नहीं है और ऐसे अभियुक्त जो अपनी सजा के फैसले के विरुद्ध अपील किए जाने की स्थिति में नहीं है। टीम के सदस्य अधिवक्ता अजित सिंह चैहान, प्रतिनिधि स्पर्श सेवा संस्थान (एनजीओ), पैनल अधिवक्ता अमजद खान, अब्दुल अजीज खान के अलावा जेल उप अधीक्षक बद्रीलाल मीणा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ. रागिनी शाह, सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग, संजय जोशी, डिप्टी सीएमएचओ डाॅ. रमेश शर्मा, अति. जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र भट्ट ने चर्चा कर विधिक जानकारी दी।