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स्कूली छात्राओं के आत्म सम्मान की रक्षा करेंगे जैंडर चैंपियन

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा

छात्राओं और महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करने के लिए सभी स्कूल-कॉलेजों में जेंडर चैंपियन चुने जाएंगे। इसका सुझाव महिला और बाल विकास मंत्रालय ने दिया था और अब एचआरडी मंत्रालय इसे लागू कर रहा है। इसी शैक्षिक सत्र से लागू कर दिया जाएगा। जो जेंडर चैंपियन चुने जाएंगे वे अपने स्कूल, कॉलेज में महिला अधिकारों की जानकारी देंगे और उनके सम्मान की रक्षा के लिए प्रेरित करेंगे। एक टीचर नोडल ऑफिसर के तौर पर जेंडर चैंपियन को सहयोग करेगा। चैंपियन एक साल के लिए चुना जाएगा और इसका कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है। वे देंखेंगे की कहीं जेंडर के आधार पर भेदभाव तो नहीं हो रहा और जेंडर इक्वैलिटी को बढ़ावा देने के लिए सुझाव भी देंगे। जैंडर चैंपियन इन स्कूल प्रोग्राम के इंप्लीमेंटटेशन के लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है।

स्कूल स्तर पर किए जाने वाले कार्य

नोडल शिक्षकों की नियुक्ति- विद्यालय में छात्र संख्या के आधार पर नोडल शिक्षकों की नियुक्ति करना। ये नोडल शिक्षक जैंडर चैंपियन को विभिन्न गतिविधियों के लिए सहायता करेंगे। हर स्कूल में जैंडर चैंम्पियन का चयन अनिवार्य है। ये स्कूल में पढ़ाई करने वाले 16 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थी भी हो सकते हैं। यह भी जरूरी है कि इन्होंने पिछली कक्षा में 50 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हो। चयन संस्थाप्रधान द्वारा उनकी बौद्धिक क्षमता, निर्णय क्षमता, ईमानदारी जैसे आवश्यक गुणों को ध्यान में रखकर करेंगे। चयन एक साल के लिए और संस्थाप्रधान के निर्णयानुसार इससे अधिक बढ़ाया जा सकता है।

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