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रीता को जबरदस्ती भगाकर लाए थे, पति के महाराष्ट्र जाने पर ससुर बनाता था नाजायज संबंध का दबाव, हत्या कर दो बच्चों सहित जलाया
भास्कर संवाददाता | मोहकमपुरा/कुशलगढ़
अपने दो बच्चों के साथ जिंदा जल गई शिक्षिका मां रीता की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। हादसा प्रतीत होने वाली घटना पर रीता के शंकरपुरा निवासी भाई सुरेश ने पुलिस को चौंकाने वाली रिपोर्ट दी है। जिसमें मृतका के ससुर महेश भूरिया पर रीता के साथ अश्लील हरकतें करने और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए है। महेश ने बताया कि 8 साल पहले जब बहन रीता 12वीं पढ़ रही थी।
आरोपी विकास उसके पिता महेश और मां रमा उसे जबरन विकास की प|ी बनाने की नीयत से भगाकर ले गए थे। जब विकास काम के सिलसिले में बाहर जाता था तो ससुर महेश उसे नाजायज संबंध बनाने के लिए दबाव बनाता था। इससे रीता परेशान हो चुकी थी। सुरेश ने ससुर महेश पर रीता और उसके बच्चों की हत्या कर शव जलाने के आरोप लगाए।
पीहर के करीब 30 लोगों की मांग पर पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कराया। इससे पहले परिजनों की मांग पर चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डॉ. अरुण गुप्ता, सर्जन वारुलाल डामोर और डॉ. रामरेख धाकड़ की टीम से पोस्टमार्टम करवाया गया। डॉ. गुप्ता ने बताया कि बताया कि रीता और बच्चों का शरीर बहुत ज्यादा जल चुका था। ऐसे में मौत की असल वजह जानने के लिए विसरा लेकर फोरेंसिक जांच के लिए लैब में भेजा है।
मृतका के भाई सुरेश ने बताया कि 3 महीने पहले रीता पीहर आई थी। तब उसने बताया था कि उस पर राशन और रुपए लेकर आने का दबाव बनाया जाता था। 4 दिन पहले रीता ने कॉल कर हत्या की आशंका जताई थी। उसके ससुर ने भी कॉल कर हमें ससुराल आने की बात कही थी। लेकिन इससे पहले तीनों की मौत हो गई। रीता को उसकी बेटी और बेटे का चेहरा तक नहीं देखने दिया जाता था।
घटना से आहत रीता की मां शैतान ने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही बहुत होशियार थी। बीएड करवाई। वह नौकरी करती थी और हिम्मत वाली थी। वह कभी खुदकुशी नहीं कर सकती।
शिक्षक बनने बांसवाड़ा में किराए पर रहा दंपती
रीता और उसका पति विकास की सरकारी शिक्षक बनने की ख्वाहिश थी। दोनों ने 2 साल पहले नीमकाथाना और सीकर से बीएड की। 4 महीने पहले अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए दोनों ने आवेदन किया। इसकी तैयारी के लिए बांसवाड़ा में ढाई महीने तक किराए पर रहकर कोचिंग भी की। रीता टिमेड़ा बड़ा में एक निजी स्कूल में 3500 रुपए तनख्वाह पर नौकरी कर रही थी। जबकि पति विकास 20 दिन पहले ही काम के लिए महाराष्ट्र गया था।
खुद का खून देकर बचाई थी रीता की जान : ससुर
आरोपों से घिरे रीता के ससुर महेश भूरिया ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि वह बहू और पोतों से बेहद प्यार करता था। एक बार रीता बहुत बीमार पड़ने से खून की कमी हो गई थी। तब मैंने उसके लिए खून दिया था। पोते जिगर को दमे की बीमारी थी। उसके लिए भी घर पर ही मशीन लाकर खुद उसकी देखभाल करता था। इतने प्यार के बाद मैं अपने ही पोतों की हत्या कैसे कर सकता हूं। आरोप गलत है।
आरोपी ससुर महेश
18 अप्रैल को प्रकाशित