तीसरी कक्षा तक पढे़ नाबालिग की शादी की तैयारियां रुकवाई
भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा
अक्षय तृतीया के साथ ही एक बार बुधवार से सावों की शुरुआत हो गई। वहीं दूसरी ओर प्रशासन के पास भी बाल विवाह होने की सूचना पहुंची तो उन्होंने परिजनों को पाबंद किया। हालांकि एक-दो केस ऐसे भी मिले जिसमें युवक-युवती दोनों ही बालिग निकले। इसके अलावा प्रशासन की टीमें दिनभर मिलने वाली सूचनाओं पर दौड़ती रही।
कलिंजरा. कलिंजरा गांव में नाबालिग की शादी की सूचना मिलने पर उसके परिजनों को पाबंद किया गया। गांव के 17 साल के प्रकाश पुत्र पंकज हरिजन की शादी राठधनराज में पायल पुत्री रमेश से सात दिन बाद होनी थी। टीम ने परिजनों से और लड़के से पूछताछ की तो लड़के की जन्म तारीख पता नहीं थी। ऐसे में स्कूल से पता चला कि लड़के का जन्म 18 जुलाई 2000 को हुआ था। जिसकी पढ़ाई परिजनों ने कक्षा तीसरी के बाद छुड़ा दी थी। जबकि नियमानुसार शादी के लिए कम से कम आयुसीमा 21 साल है। प्रशासन ने जिन स्थानों पर जांच की, वहां पर उन्होंने ग्रामीणों को बाल विवाह नहीं करवाने का संकल्प भी दिलाया और इसके दुष्परिणामों के बारे में उनको सजग किया।
कलिंजरा गांव का मामला, राठधनराज गांव जाने वाली थी बारात, आखातीज पर प्रशासन ने रखी नजर
कलिंजरा थाने में नाबालिग को पाबंद करते पुलिस और प्रशासन
बामनपाड़ा गांव में बालिग निकले दूल्हा-दुल्हन
गनोड़ा. बामनपाड़ा गांव में बाल विवाह की सूचना मिलने पर जब टीम मौके पर पहुंची और दस्तावेज जांचे तो युवक-युवती दोनों ही बालिग निकले।
राेहनवाड़ी. गांगड़तलाई पंचायत के गांव माेटी टिंबी, हांडी व गांगड़तलाई में नाबालिग के विवाह की सूचना मिली। जांच की ताे यह सभी बालिग निकले। इसके लिए कुछ अन्य स्थानों से भी ऐसी ही सूचना मिली लेकिन कई अफवाह भी निकाली।