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कार सवार को बेरहमी से पीटकर 7 हजार लूटे सीएम शहर में होने से पुलिस नकारती रही

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

शहर में दो रातों से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का ठहराव है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस कड़ी निगरानी का दावा कर रही है बावजूद इसके शहर में चोरों और लुटेरों को पुलिस रोक नहीं पा रही। सोमवार रात साई बाबा मंदिर के समीप एक कार सवार को बदमाशों ने न सिर्फ बेरहमी से पीटा बल्कि रुपए और मोबाइल भी लूट लिए। हैरानी की बात यह है कि लहुलूहान हाल में जब पीड़ित युवक कोतवाली पहुंचा और रिपोर्ट दी तो इतने गंभीर मामले के बावजूद न तो केस दर्ज किया और नहीं दूसरे दिन उससे वारदात में पूछताछ के लिए कोई आया। शहर में मुख्यमंत्री होने से पुलिस मामले को नकारती रही। दूसरी और वाहवाही लूटने के लिए महज बैट्री चोरी के मामले को भी पुलिस आरोपियों के साथ फोटो शूट करवाकर दिनभर सोशल साइट्स पर वायरल करती रही।

वारदात सोमवार रात 8:30 बजे की है। शहर के नबीपुरा, छोटी नहर क्षेत्र निवासी 24 वर्षीय अजरुद्दीन उर्फ मजहर पुत्र मोइनुद्दीन शेख पेशे से मैकेनिक है। रोजाना की तरह वह कार से घर लौट रहा था। साईबाबा मंदिर के समीप नहर से लगते रास्ते से भीतर घुसा तो सामने से बाइक पर सवार दो युवक आए और उसकी कार रुकवा दी। इससे पहले ही अजरुद्दीन कुछ बोलता दोनों ने ताबड़तोड़ उसे पत्थरों से पीटना शुरू कर दिया। अहजरुद्दीन का सिर फटने से वह लहुलूहान होकर नीचे गिर पड़ा। इस पर भी दोनों बदमाश नहीं माने और उसकी जेब में से 7 हजार रुपए और मोबाइल लूट लिया। पीछा नहीं कर पाए इसलिए उसकी कार की चाबी फेंक दी। घायल अजरुद्दीन अंधेरे में छटपटाता रहा। थोड़ी देर बाद वहां एक युवक आया तो उसकी नजर उस पर पड़ी। वह अजरुद्दीन को पहचानता था तो उसे एमजी अस्पताल लेकर आया।

घायल को ही बाेला जांच अधिकारी के पास जाना

प्राथमिक उपचार के बाद अजरुद्दीन परिजनों के साथ कोतवाली गया और रिपोर्ट दी तो पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया, उल्टा घायल अजरुद्दीन को ही मामले के जांच अधिकारी एएसआई नारायणसिंह होना बताकर सूरजपाेल पुलिस चौकी जाकर आपबीती बताने के लिए कहा गया। जबकि घायल अजरुद्दीन ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। इतनी बड़ी वारदात के बावजूद दूसरे दिन भी मामले में पूछताछ के लिए कोई उसके घर नहीं गया। मामले में जब हमारे संवाददाता थाने में जानकारी लेना चाहा तो पुलिस मामले को दबाती नजर आई। थाने पर जानकारी दी गई कि ऐसी कोई वारदात ही नहीं हुई है। वहीं कोतवाल शैतानसिंह को कॉल किया तो उन्होंने कॉल रिसीव ही नहीं किया। इससे साफ पता चलता है कि शहर पुलिस आमजन की सुरक्षा के प्रति संजीदा है।

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