अधिकमास आज से, धार्मिक कार्यक्रम होंगे
बांसवाड़ा| अधिकमास की शुरुआत बुधवार से हो रही है। हर तीन साल में एक बार एक अतिरिक्त माह होता है। हिन्दु धर्म में इस माह का विशेष महत्व है। इस पूरे महीने पूजा-पाठ, भगवद् भक्ति, व्रत-उपवास, जप आदि धार्मिक काम होते हैं। माना जाता है कि इस माह में किए गए धार्मिक कार्यों का दस गुना अधिक फल मिलता है।भारतीय ज्योतिष में सूर्य मास और चंद्र मास की गणना के अनुसार चलता है। अधिकमास चंद्र वर्ष का एक अतिरिक्त भाग है, जो हर 32 माह, 16 दिन और 8 घटी के अंतर से आता है। इसे मलिन मास माना जाता हैं। इसलिए इसमें नामकरण, यज्ञोपवित, विवाह और सामान्य धार्मिक संस्कार जैसे गृहप्रवेश, नई बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदी नहीं होगी।