भागवत कथा की पूर्णाहुति, पक्षियों को पानी पिलाने के लिए सकोरे बांटे
भागवत कथा की पूर्णाहुति के अवसर पर बांटे गए सकोरे।
भास्कर संवाददाता|बांसवाड़ा
शहर के नई आबादी स्थित गणेश मंदिर में गौरी महिला मंडल,श्रीमद् भागवत समिति व श्री गणेश भक्त मंडल के तत्वावधान में भागवत कथा की पूर्णाहुति मंगलवार को हुई।
कथाव्यास तिलेंद्र महाराज ने हर दिन कथा के माध्यम से मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाई तो अंतिम दिन पक्षियों के जीवन को बचाने के लिए सकोरों का वितरण कराया। वागड़ पर्यावरण संस्थान के माध्यम से यह वितरण कराया गया। इस अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को पक्षी संरक्षण की शपथ दिलाई गई। तिलेन्द्र महाराज ने कहा कि मूक पक्षियों की सेवा हमारा दायित्व हैं। तेज गर्मी के इस दौर में बिना दाना-पानी के पक्षी काल कवलित हो रहे है। इनको बचाना हमारी जिम्मेदारी है। जगमाल सिंह ने कहा कि पक्षियों का पर्यावरण में अहम योगदान है, लेकिन जलवायु परिवर्तन के इस दौर में पक्षियों पर संकट मंडरा रहा है। संस्थान के अध्यक्ष डाॅ. दीपक द्विवेदी ने कहा कि पक्षी प्रकृति के खुबसुरत उपहार है। इनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर डाॅ. दिनेश भट्ट, जयप्रकाश पंड्या, नितिन मेहता, नीरज पाठक, कपिल पुरोहित, बृजमोहन तूफान, विजयकृष्ण वैष्णव ने भी विचार व्यक्त किए।
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