बांसवाड़ा। गेहूं खरीदी में देरी होने से जरूरतमंद कई किसानों
बांसवाड़ा। गेहूं खरीदी में देरी होने से जरूरतमंद कई किसानों ने अपना गेहूं गुजरात की दाहोद मंडी में बेच दिया। किसानों ने बताया कि पहले तो खरीद समय पर शुरू नहीं हुई। शुरू हुई तो भुगतान अटक गया। ऐसे में उन्हें मजबूरन गुजरात की मंडी में गेहूं बेचना पड़ा। जिले में क्रय विक्रय सहकारी समिति बांसवाड़ा की ओर से राजफैड के माध्यम से जिले में गेहूं की खरीदी की गई। एक अप्रेल से लेकर 14 मई तक गेहूं बेचने के बदले भुगतान राशि नहीं मिलने को लेकर किसान खासे परेशान रहे। किसान आए दिन राजफैड के सेंटर और क्रय विक्रय सहकारी समिति के कार्यालयों के चक्कर काटते देखे गए। टामटिया गांव के किसान पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता विजय सिंह और परिवार के भारतसिंह, करण सिंह ने 14 अप्रेल को गेहूं बेचे थे। उसके बाद से लेकर वे करीब एक माह तक राशि भुगतान के लिए संबंधित कर्मचारियों से जानकारी लेते रहे लेकिन राशि नहीं मिली। उनका इंतजार 14 मई को खत्म हुआ,जब उनके और उनके परिवारजनों के खातों में राशि जमा हुई। ऐसे ही हाल बांसवाड़ा तहसील क्षेत्र के कई किसानों के रहे। जिन्होंने कृषि उपज मंडी में अपने गेहूं बेचने के लिए तुलवाए थे। क्रय विक्रय सहकारी समिति के महाप्रबंधक परेश पंड्या ने बताया कि 1 अप्रेल से लेकर अब तक 128 किसानों ने 11 हजार 680 क्विंंटल गेहूं तुलवाया, जिसमें से 7 हजार 705 क्विंटल गेहूं के एवज में 1 करोड़ 34 लाख रुपए 82 किसानों के खाते में जमा हुए।