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पांच केंद्रों पर 19 किसानों ने 1878 क्विंटल गेहूं बेचा, कृषि मंडी में कोई नहीं आया

3 वर्ष पहले
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जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद में शुक्रवार को उछाल आया। इसके चलते एफसीआई के पांच केंद्रों पर गुरुवार के मुकाबले दुगुना गेहूं तौला गया। इस बीच, राजफेड के अधीन बांसवाड़ा कृषि उपज मंडी के केंद्र पर दिनभर में एक भी किसान गेहूं खरीदने नहीं आया। यहां प्रक्रिया जानने पहुंचे काश्तकारों में से भी केवल एक ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया।

एफसीआई प्रबंधन के अनुसार शुक्रवार को गेहूं बिक्री के प्रति किसानों में उत्साह देखा गया। जिले के 19 किसानों ने तलवाड़ा, बड़ोदिया, गनोड़ा, घाटोल और छींच केंद्रों पर कुल 1878 क्विंटल गेहूं तुलवाया।

अब इन्हें 48 घंटे में ऑनलाइन खाते में भुगतान हो जाएगा। गौरतलब है कि दो दिन में जिले में 34 किसानों से 2811.50 क्विंटल गेहूं एफसीआई ले चुका है। इधर, कृषि मंडी में केंद्र तो खुला हुआ है, लेकिन रजिस्टर्ड किसानों में से कोई भी शाम तक गेहूं बेचने नहीं पहुंचा। यहां अब तक 11 किसान रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।

तलवाड़ा में गेहूं खरीद केंद्र पर जानकारी लेते अधिकारी।

केंद्रों पर लगाए कर्मचारी भी करेंगे मदद, कहीं नहीं होगा इनकार

रजिस्ट्रेशन के अभाव में किसी भी काश्तकार को खरीद केंद्र पर गेहूं तौलने से इनकार नहीं किया जा सकता। इसे लेकर एफसीआई ने कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं। केंद्र पर आने वाले काश्तकार की इच्छा पर कर्मचारी खुद अपने सिस्टम पर उनका रजिस्ट्रेशन करेंगे या मोबाइल पर इसकी प्रक्रिया बताकर करवाएंगे।

बड़ोदिया में गेहूं के साथ मिट्टी की शिकायत ज्यादा आ रही
बड़ोदिया के खरीद केंद्र पर दूसरे दिन भी गेहूं के साथ मिट्टी की शिकायत बनी रहने से तय मानकों की पालना में दिक्कतें रहीं। इक्का-दुक्का काश्तकारों के गेहूं में यह परेशानी छींच केंद्र पर भी आई। केंद्रों पर लगे गुणवत्ता निरीक्षकों ने स्पष्ट किया कि गेहूं की साफ-सफाई का जिम्मा किसानों का है। गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता कर माल नहीं लिया जाएगा।

ई-मित्रों के हाथों ठगी के शिकार नहीं हों, खुद मोबाइल पर करें रजिस्ट्रेशन

गेहूं खरीद जोर पकड़ने के साथ शुक्रवार को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के नाम पर गांवों में किसानों के साथ ई-मित्रों द्वारा 200-250 रुपए फीस वसूली की शिकायतें भी सामने आई। इस स्थिति पर एफसीआई के बांसवाड़ा आगार प्रबधक बीएल मीणा का कहना है कि किसानों को ई-मित्र के पास जाने की जरूरत ही नहीं है। वे आसानी से अपने मोबाइल पर एफसीआई के लिंक पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। चाही गई जानकारियां भरकर फॉरवर्ड करने पर उन्हें रजिस्टर्ड लॉग इन मिलेगा। लॉग इन करते ही रजिस्टर्ड मोबाइल पर नंबर पर ओटीपी आ जाएगा, जिससे वे अपना कितना गेहूं, किस मंडी में कब बेचना चाहते हैं खुद जानकारियां दे सकेंगे। खास बात यह भी है कि एक बार रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें यह काम अगले साल नहीं करना होगा। अपने लॉग इन का इस्तेमाल वे हर साल कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन हाेते ही मोबाइल पर उनकी चुनी गेहूं बेचने की तारीख का मोबाइल पर ऑनलाइन टोकन मिल जाएगा, जिससे नंबर का झंझट नहीं रहेगा।

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