कृषि विज्ञान केंद्र बांसवाड़ा की ओर से तीन दिवसीय आम प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन विषयक प्रशिक्षण शिविर का समापन शुक्रवार को हुआ। प्रशिक्षण प्रभारी रश्मि दवे ने बताया कि जिले में आम के फल का भरपूर उत्पादन हुआ है। किसान परिवारों में इसके मूल्य संवर्धन उत्पादों का उपयोग बहुत कम है।
इसके लिए बोरवट, सुंदनी, खेरडाबरा, चाचाकोटा, सुरापाड़ा की 25 युवतियों को आम प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी द्वारा प्रशिक्षित किया गया, ताकि वे गांव की महिलाओं को इसके महत्व समझाकर उनका मूल्य संवर्धन करने के लिए सजग कर सकें। प्रशिक्षण के उदघाटन सत्र में केन्द्र के प्रभारी डॉ. आरएल सोनी ने प्रशिक्षणार्थियों को आम के औषधीय और पौषणिक महत्व बताते हुए स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आम उत्पादों से रोजगार करने की बात कही। प्रशिक्षण के दौरान आम का अचार, स्क्वेश, केरी-पुदीना शरबत, पापड़, अमचूर बनाना सिखाया गया। इस दौरान डॉ. बीएस भाटी, डॉ. एचएल बुगालिया व डॉ. जीएल कोठारी ने भी युवतियों से आम प्रसंस्करण पर विस्तृत चर्चा की।