बांसवाड़ा. शहर में शुक्रवार को कुशलबाग मैदान में पुरुषोत्तम मास के तहत भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव में 10 हजार कलशों की शोभायात्रा निकाली।
कथावाचक ने भागवत कथा में समाज के जागरण को बढ़ावा देने का किया आह्वान
भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा
शहर में शुक्रवार को कुशलबाग मैदान में पुरुषोत्तम मास के तहत भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव का आगाज हुआ।10 हजार कलशों की शोभायात्रा निकाली जो अपने आप में एक ऐतिहासिक यात्रा बनी। जहां न केवल बांसवाड़ा शहर बल्कि दूर दराज के गांव और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे।
सुबह 12 बजे यह शोभायात्रा कुशलबाग मैदान से शुरू हुई जो बैंड बाजों पर भक्तिगीतों के साथ धनावाव पहुंची। जहां महिलाओं ने माटी के कलशों में गंगाजल भरा और कथास्थल की ओर बढ़ी। इस दौरान मार्ग में विभिन्न समाजजनों, प्रतिष्ठान संचालकों और संस्थाओं की ओर से कलशयात्रा का पुष्पवर्षाकर स्वागत किया। श्रीगणेश भागवत समिति की ओर से आयोजित इस आयोजन में समिति के पदाधिकारी और सदस्यों ने अपना योगदान दिया। भीषण गर्मी के बीच भी महिला श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और इस यात्रा में नंगे पांव कलश थाने आयोजन स्थल तक का सफर तय किया। यह जानकारी समिति के संयोजक घनश्याम सेन ने दी। सेन ने बताया कि शनिवार से श्रीमारुति महायज्ञ की शुरूआत होगी। जिसमें विविध प्रकार की औषधियों से मंत्रोच्चार के साथ यजमान परिवार द्वारा आहुतियां देकर वातावरण का शुद्धिकरण किया जाएगा।
धर्म-समाज-संस्था
45 डिग्री तापमान और नंगे पांव...आस्था के आगे हार गई गर्मी...
सभी हिंदू एक हैं, का भाव जागृत करें- तरुण मुरारी बापू
शोभायात्रा के बाद कुशलबाग मैदान में श्रीमद भागवत कथा की शुरूआत हुई। जिसके प्रारंभिक चरण में कथावाचक राष्ट्रसंत डॉ. तरुण मुरारी बापू ने समाज के जागरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज जागरण का एक मात्र माध्यम है भागवत, जिसके ज्ञान और विज्ञान के प्रकाश से ही समाज को एक किया जा सकता है। समाज के प्रति लोगों में भाव रुपी बीज का अंकुरण होगा। उन्होंने आह्वान किया कि समाज और राष्ट्र के सम्मान के लिए हम सब संगठित हाें। वर्तमान में जिन शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है उनका त्याग कर हम सब हिंदू एक हैं यह भाव होना चाहिए। कलयूग में कई उथल पूथल और घटनाएं होंगी। लेकिन इसमें भागवत भजन ही सर्वोंपरी है। इस अवसर पर मामा बालेश्वर दयाल की भतीजी प्राची दीक्षित ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। शोभायात्रा में शामिल होने के लिए जनजाती लोगों को इस यात्रा में जोडा। कथा के दौरान गौ सेवा प्रांत प्रमुख भुवन मुकुंद पंड्या भी मौजूद रहे।