बांसवाड़ा। चांद के दीदार के साथ ही शुक्रवार सुबह से माहे रमजान में खुदा की इबादत का दौर प्रारंभ हो गया। शहर और जिले में 15 घंटे 36 मिनट का पहला रोजा रखकर विशेष रूप से मस्जिदों में नमाज अदा की। इस बार भी सभी जगह 15 घंटे से अधिक वक्त का रोजा होगा, जिसमें रोजेदारों को भूखा और प्यास रहना पड़ेगा। सभी रोजेदार आज से भास्कर के जलमित्र होंगे क्योंकि उनकी भूख और प्यास ही दूसरों को प्यास का अहसास कराती है। मस्जिदों में भी व्यवस्था कमेटी की ओर से नमाजियों के लिए तैयारी कर ली गई हैं।
शहर काजी हाजी वहीद अली और अंजुमन इस्लामिया के सदर एडवोकेट नईम शेख ने बताया कि पानी बचाना इसलिए जरूरी है क्योंकि शहर व गांवों में पानी का संकट है अौर पानी के लिए लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। जीवन में पानी जरूरी है लेकिन इसे व्यर्थ न बहाएं सभी लोग इसका खास ध्यान रखें। ऐसे में हमें भी पानी बचाने के लिए जनजागृति लानी होगी।