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एसी-कूलर स्टाफ के कमरों में, वार्ड में कपड़ों से कर रहे हवा, निरीक्षण अधिकारी बोले : व्यवस्थाएं अच्छी
भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा
कायाकल्प और क्वालिटी एश्योरेंस के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. रामबाबू जायसवाल के नेतृत्व में जांचदल ने महात्मा गांधी अस्पताल के वार्डों का दौरा करते हुए साफ सफाई की व्यवस्थाओं पर खुशी जताई और कहा कि पहले से अस्पताल में काफी सुधार देखने को मिल रहे हैं जिस आधार पर अस्पताल की ग्रेड में सुधार कर इसे बी ग्रेड मिलेगी।
इसी दौरान भास्कर ने अस्पताल में जायजा लिया तो वार्डों में मरीज काफी परेशान दिखे। परिजन कपड़ों से मरीजों के हवा करते हुए नजर आए। जबकि अस्पताल प्रबंधन ने पिछले साल इन्हीं दिनों में नए एसी की खरीदी की थी, लेकिन तत्कालीन पीएमओ डॉ. वीके जैन ने इसे वार्ड और दवाघर के बजाय मैनेजमेंट के अधिकारी और डॉक्टरों के कमरों में लगा गए। यहां तक की 3 एसी एक साल से गलियारे में धूल फांक रहे हैं, जो आज दिन तक उपयोग में नहीं लिए गए हैं। वहीं बचे एसी हैल्थ मैनेजर और डॉक्टर के रूम में लगा दिए गए।
अस्पताल प्रबंधन गर्मी को देखते हुए हर साल एसी कूलर की खरीदी और रिपेयरिंग के टैंडर करता आया हैं लेकिन वो तब लगाए जाते हैं, जब मौसम आधे से ज्यादा गर्मी का मौसम खत्म होने को होता है। मरीजों को इसका फायदा नहीं मिल पाता।
महात्मा गांधी अस्पताल के एक वार्ड में कपड़े से मरीज को हवा करता परिजन।
पारा 41 पर, वार्डों में हाल-बेहाल
गर्मी को देखते हुए कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई एमआरएस की बैठक में नए कूलर और एसी खरीदी करने की स्वीकृति मिल गई थी। एक माह बाद भी मैनेजमेंट की ओर से अब तक खरीदी नहीं की गई है। बढ़ते तापमान के कारण भास्कर की टीम ने वार्डों का जायजा लिया तो वहां पर मरीजों के परिजन ही उन्हें हवा देते दिखे। अस्पताल में सबसे अधिक बेहाली मेल और फिमेल वार्ड में बनी हुई है। यहां की बेड क्षमता 70 -70 है। इतने मरीज रहने के बाद भी यहां 4-4 कूलर ही लगाए गए हैं।
एसी बेचे कबाड़ में
यहां हर साल गर्मी के मौसम में नए एसी कूलर की खरीदी की जाती है। लेकिन उनका रखरखाव तक नहीं किया जाता है। आलम यह होता है कि अच्छे और नए एसी भी जल्द ही कबाड़ हो जाते हैं। पिछले माह हुई कंडम सामान की नीलामी में कई एसी भंगार के भाव बेच दिए गए, लेकिन उनकी कंडिशन थोड़ी अच्छी होने पर कबाड़ से अन्य लोगों ने सस्ते दामों में खरीद लिए।
स्वच्छता को लेकर सुधार, जिला अस्पताल को मिल सकती है बी ग्रेड
बांसवाड़ा| प्रदेशभर में चले 15 दिवसीय स्वच्छता में सिद्धि पखवाड़े में किए गए कार्यों का जायजा लेने के लिए आए दल ने पुराने भवन और एमसीएच विंग के हर वार्ड का जायजा लिया। इस टीम के मुखिया डॉ. रामबाबू जायसवाल ने सफाई व्यवस्था पर संतोष जताते हुए कहा कि अस्पताल को बी ग्रेड मिलने की उम्मीद है। आगे भी यही व्यवस्था रही तो यह अस्पताल प्रदेश के ए ग्रेड अस्पताल की श्रेणी में शामिल होगा और सम्मानित किया जाएगा।
एमसीएच विंग में निरीक्षण के दौरान बाथरूम के हाल जाने तो वहां पर नल चोरी हो गया और अनावश्यक पानी बहता रहा है। इस पर उन्होंने पीएमओ डॉ. अनिल भाटी से एफआईआर दर्ज करने को कहा। एमसीएच विंग में पहले से चोरियों की वारदात होती आ रही है। विंग के सभी बाथरूम पहले 700 से 800 रुपए महंगे नल लगाए गए थे, जो कुछ माह बाद ही चोरी हो गए। जिसके बाद मजबूरन अस्पताल प्रशासन ने सस्ते प्लास्टिक के नल लगवाए। इसके बाद भी चोरियां थम नहीं रही। जबकि अस्पताल में पुलिस के साथ साथ 24 लाख में सुरक्षाकर्मी का भी ठेका किया गया है। यहां तक की वार्ड से मोबाइल और परिसर से बाइक चोरी भी हो चुकी हैं।
निरीक्षण करते अधिकारी