बच्चों का बेसिक सुधारने कॉलेज छात्रों की मदद लेंगे
बुनियाद मजबूत करने के लिए प्राथमिक-उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों को निजी कॉलेजों के विद्यार्थियों से छुट्टियों में पढ़ाई करवाने के मकसद से सोमवार को प्रशासन ने जिले के निजी कॉलेज प्राचार्यों की बैठक बुलाई।
प्रशासन के आह्वान पर सभी कॉलेज अपने विद्यार्थियों के जरिए सहयोग के लिए सहमत रहे, लेकिन इसी बीच सामने आई वित्तीय संकट से छात्रों के पलायन की समस्या ने सबको चौंका दिया। ज्यादातर प्राचार्यों ने तालियां बजाकर इसका समर्थन किया, तब प्रशासन ने स्कॉलरशिप संबंधित दिक्कतों के निराकरण का भरोसा दिलाया। हुआ यूं कि अलख अभियान को गति देने के लिए कलेक्टर भगवतीप्रसाद ने गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के सहयोग से निजी कॉलेजों के प्राचार्यों-प्रबंधकों को आमंत्रित किया था। इसमें वीसी कैलाश सोडानी ने कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हर युवा को सहभागिता निभानी चाहिए। कलेक्टर भगवतीप्रसाद ने भी कहा कि अलख अभियान में युवाओं के सहयोग से छुट्टियों में अवकाश में पढ़ाई का माहौल बन सकता है। इस पर योगेश्वर कॉलेज के प्राचार्य केएस दांतला ने समर्थन किया। साथ ही निजी कॉलेजों और उनके छात्रों के हालात भी बताए। उन्होंने कहा कि निजी कॉलेजों में ठहराव भी मुश्किल हो रहा है। बच्चों को स्कॉलरशिप समय पर नहीं मिल रही। सीमावर्ती निजी कॉलेजों के विद्यार्थी खर्चे पूरे करने के लिए पड़ोसी राज्य गुजरात में रोजगार के लिए हर महीने कुछ दिन पलायन कर रहे हैं।शुरुआत में स्वागत डॉ. दिनेश भट्ट ने दिया। पुकार कार्यक्रम की जानकारी डॉक्टर नरेंद्र कोहली ने दी। बाद में निजी शिक्षण संस्थाओं के एसोसिएशन की ओर से कलेक्टर को दिए ज्ञापन देकर भी छात्रवृत्ति समय पर दिलवाने का आग्रह किया। इस अवसर पर रमेश पंड्या, प्रदीप कोठारी ,मनीष देव जोशी, मोहनलाल निनामा,अभिषेक जैन मौजूद थे।
बांसवाड़ा. निजी कॉलेज संचालकों की बैठक को संबोधित करते कुलपति सोड़ानी।