राहगीर प्यासे ना रहे इसलिए गनाेड़ा बसस्टैंड पर लगवाया वाटर कूलर
गनोड़ा के पुराना बसस्टैंड पर वाटर कूलर लगाते भामाशाह और गणमान्य नागरिक।
गनोड़ा| कहते हैं अच्छे काम की तमन्ना जब दिल में आ जाए तो उसे करने में कोई परेशानी नहीं होती। समय और धन की फिक्र किए बिना उसे करने में इंसान लग जाए तो वह आसानी से पूरा हो जाता है। जरूरतमंदों की सेवा का भाव मन में अा जाए तो इंसान हर कीमत पर उसे पूरा करने में जुट जाता है। ऐसा ही कर दिखाया है गनोड़ा के व्याख्याता राजेश व्यास ने।
उन्हाेंने बुधवार को गनोड़ा बसस्टैंड पर 1 लाख रुपए की लागत से वाटर कूलर लगाया है ताकि गर्मी में किसी राहगीर, छात्र-छात्रा, मरीज या उसके परिजनों को पीने के पानी की परेशानी ना हो। गनोड़ा बस स्टैंड पर रोज बच्चे, मुसाफिर और अस्पताल आने जाने वाले लोग भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए परेशान हुआ करते थे। बस स्टैंड पर पानी पीने के लिए कोई जगह नहीं थी जिसके चलते ये सभी घंटों प्यासे रहकर बस का इंतजार करते हैं। बस स्टैंड पर कहीं पर भी पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी। बस यही सोचकर राजेश कुमार ने अपने खुद के पैसे खर्च कर आमजन की प्यास बुझाने के लिए आरओ प्लांट लगवा दिया। अब लोगों को गर्मी में शुद्ध और ठंडा पानी पीकर प्यास बुझा सकेंगे। फिलहाल रातीतलाई में रहने वाले राजेश व्यास मोटागांव में अंग्रेजी के व्याख्याता है। राजेश व्यास व उनके भाइयों ने उनकी मां स्व. शकुंतलादेवी की स्मृति में यह वाटर कूलर लगवाया है। राजेश व्यास रोज सुबह पक्षियों को पांच किलो दाना डालने के बाद ही दिन की शुरुआत करते हैं। स्कूल में भी पक्षियों को दाने डालते हैं।