पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jodhpur
  • जर्मनी में बच्चों को घुमाने ले जा रहे 10 परिवारों

जर्मनी में बच्चों को घुमाने ले जा रहे 10 परिवारों

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जर्मनी में बच्चों को घुमाने ले जा रहे 10 परिवारों पर 80-80 हजार रु. जुर्माना; वजह- स्कूल टाइम में बच्चों को कहीं ले जाना अपराध है

6 से 16 साल तक के बच्चों के लिए पूरे जर्मनी में स्कूली शिक्षा मुफ्त और अनिवार्य है

एजेंसी | बर्लिन

जर्मनी में अपने बच्चों के साथ छुट्टी मनाने निकले 10 अभिभावकों पर पुलिस ने 80-80 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया। वजह- बच्चों के स्कूल चल रहे थे और ये अभिभावक उन्हें स्कूल की छुट्टी करा घुमाने ले जा रहे थे। जर्मनी में बच्चों के बिना किसी बड़े कारण के स्कूल न आने को बेहद गंभीरता से लिया जाता है। 6 से 16 साल तक स्कूली शिक्षा अनिवार्य है। इस उम्र के बच्चे अगर बिना किसी वजह के स्कूल से गैरहाजिर होते हैं, तो उसके लिए मां-बाप को जिम्मेदार माना जाता है। इसी के चलते पुलिस ने बच्चों के साथ छुट्टी मनाने जा रहे अभिभावकों को एयरपोर्ट पर ही रोक लिया और जुर्माना लगा दिया।

जर्मनी के अखबार डय स्पीगल के मुताबिक- ‘जर्मनी के राज्य बवेरिया के एयरपोर्ट पर पुलिस अधिकारियों ने कुछ परिवारों को देखा, जो बच्चों के साथ छुट्टी पर निकल रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोका और पूछताछ की। बच्चों के स्कूलों का पता किया और स्कूलों में फोन किया ताकि यह पता चल सके कि अभिभावकों ने बच्चों को छुट्टी पर ले जाने के लिए स्कूल से अनुमति ली है या नहीं। स्कूलों से पता चला कि अभिभावकों ने ऐसी कोई अनुमति नहीं ली है। पुलिस ने परिवारों पर 80 हजार रु. का जुर्माना लगा दिया। ऐसे करीब 10 परिवार एक साथ छुट्टी मनाने जा रहे थे। सभी पर जुर्माना लगाया गया है।

पुलिस प्रवक्ता ने मीडिया से कहा कि उन्हें इन तौर-तरीकों के बारे में जानकारी है, इसलिए वे इस पर निगरानी रख रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा, ‘अगर शिक्षक स्कूलों में बच्चों की मौजूदगी पर जोर देते हैं, तो उन्हें वापस स्कूल ले ही जाना होगा।” पुलिस ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों की आधिकारिक छुट्टियां शुरू होने से पहले छु्ट्टी पर नहीं ले जा सकते। लेकिन अगर मां-बाप को किसी कारण छुट्टी चाहिए, तो वे स्कूल से इसकी अनुमति लें। इस अनुमति पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार स्कूल हेडमास्टर का होगा।

जर्मनी में मां-बाप अपने बच्चे के लिए छुट्टी चाहते हैं तो हेडमास्टर से खास अनुमति लेनी पड़ती है

महंगी टिकटों से बचने के लिए लोग छुट्टी से पहले घूमने निकलते हैं

तमाम कानूनों के बावजूद भी जर्मनी में अभिभावक अपने बच्चों का स्कूल बंक कराना नहीं छोड़ रहे हैं। दरअसल जून में वैकेशन सीजन शुरू होते ही हर पर्यटन स्थल पर भीड़ बढ़ जाती है। साथ ही फ्लाइट के टिकट और होटल भी महंगे हो जाते हैं। इनसे बचने के लिए मां-बाप अपने बच्चों को स्कूल की छुट्टियां शुरू होने से पहले ही घुमाने ले जाते हैं। इसी ट्रेंड को रोकने की कोशिश की जा रही है। दरअसल जर्मनी में स्कूली शिक्षा मुफ्त और सभी बच्चों के लिए अनिवार्य है। यहां होम-स्कूलिंग गैरकानूनी है और हर मां-बाप के लिए बच्चों को स्कूल भेजना अनिवार्य है।

खबरें और भी हैं...