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ड्रोन से दवा व खून की डिलीवरी, रवांडा में 15 माह में 4 हजार उड़ानों से पहुंचाया एक लाख लीटर खून
कैलिफोर्निया | दुनिया की कई ई-कॉमर्स कंपनियां या फूड चेन अपने प्रोडक्ट की डिलीवरी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही हैं। लेकिन रवांडा में ड्रोन से जरूरतमंदों को दवा या खून पहुंचाने वाली दुनिया की पहली सेवा चल रही है। इसके लिए कैलिफोर्निया की कमर्शियल ड्रोन बनाने वाली कंपनी जिपलाइन ने दुनिया की सबसे तेज ड्रोन डिलीवरी सर्विस तैयार की है। रवांडा में 2016 से काम कर रही कंपनी ने इस टेक्नोलॉजी को और बेहतर व तेज बनाया है, जिससे ज्यादा मरीजों को मदद मिल सकेगी। इस सिस्टम के जरिए पिछले 15 महीनों में 4 हजार उड़ानों से करीब एक लाख लीटर खून मरीजों तक पहुंचाया गया है। शेष | पेज 4
ब्लड डिलीवरी ड्रोन सिस्टम के तहत खून या दवाई की जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या अस्पताल को सेंट्रल डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम को एक मैसेज करना होता है। इसके बाद जरूरतमंद तक अधिकतम 20 मिनिट के भीतर मदद पहुंच जाती है। इसके तहत खून के पैकेट को ड्रोन में लगे पेलोड में रख दिया जाता है। ड्रोन पहले से सेट की गई लोकेशन पर पैराशूट के जरिए दवाई या खून के पैकेट गिरा देता है। इस दौरान ड्रोन जमीन पर लैंड नहीं करता, बल्कि डिलीवरी कर बेस पर लौट जाता है। कंपनी ने हाल ही में और तेज ड्रोन तैयार किए हैं जिनकी अधिकतम रफ्तार 128 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह एक बार में 160 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। इसमें 1.75 किलो वजन रख सकते हैं। रवांडा के बाद तंजानिया ने भी इस सेवा को शुरू कर दिया है। इसके तहत 2018 के पहले छह महीनों में रोजाना दो हजार उड़ानों की योजना है। इसमें एक हजार स्वास्थ्य केंद्रों को कवर किया जाएगा। इसमें अमेरिकी सरकार ने करीब 1800 करोड़ रुपए की मदद दी है। जल्द ही अमेरिका में भी यह नेटवर्क शुरू होगा, जिसके बाद इसे दुनिया भर में शुरू किया जाएगा।
एक हजार से तीन हजार रुपए चुकाकर ले सकते हैं सर्विस : संयुक्त राष्ट्र के प्रोजेक्ट के अलावा कई लोग और अस्पताल ड्रोन डिलीवरी सर्विस का फायदा उठा रहे हैं। इस सेवा के लिए कंपनी दवा या खून का वजन, इमरजेंसी, दूरी और समय के हिसाब से चार्ज करती है। यह 15 डॉलर(एक हजार रुपए) से लेकर 45 डॉलर(करीब तीन हजार रुपए) तक है।