जयपुर, अजमेर और जोधपुर विकास प्राधिकरण में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग को पानी के कनेक्शन के लिए अभी तक स्पष्ट नीति नहीं बनी है। इसको देखते हुए यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी की अध्यक्षता में जलदाय और यूडीएच के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स के लिए पेयजल की दरों में बदलाव केबिनेट स्तर पर ही किया जाएगा। लेकिन जलदाय विभाग ही बहुमंजिला भवनों के लिए पानी की दरें तय करेगा। इसका एक ड्राफ्ट बनाकर यूडीएच को भेजा जाएगा।
शेयर कोस्ट के बारे में कल होगा ज्वाइंट कमेटी का गठन
मंत्री ने पिछले तीन साल में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग को पानी के लिए तय किए मानदंडों, दरों और पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ इलाकों में की गई पेयजल सप्लाई की जानकारी ली। इसके बाद तय हुआ कि पेयजल की शेयर कोस्ट के बारे में ज्वाइंट कमेटी का गठन शुक्रवार को किया जाएगा। चीफ इंजीनियर जलदाय विभाग की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग को पानी का प्लान बनाकर यूडीएच को देगी। यह ड्राफ्ट केबिनेट में रखा जाएगा। प्राइवेट डवलपर एवं सरकारी विभागों की आवासीय योजना लाने से पहले पेयजल उपलब्धता के लिए अब जलदाय विभाग से एनओसी लेनी अनिवार्य की गई है। एनओसी बिना स्कीम नहीं लाई जा सकेगी। यह भी निर्णय लिया गया कि जी प्लस 3 तथा मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में सिंगल कनेक्शन जलदाय विभाग की पॉलिसी के अनुसार दिए जाएंगे।