30 की उम्र में कॉलेज पहुंचे, दादी मां ने कार्ड भेजकर बढ़ाया हौसला
यह पोस्ट रेडिट यूज़र ‘कीपचिल’ है, उन्होंने लिखा कि कुछ समय पहले मैंने 30 वर्ष की उम्र होने पर कॉलेज जाने का फैसला किया। मुझे पता था कि यह मेरे लिए अजीब होगा और वहां के अन्य छात्र भी मेरे साथ अलग बर्ताव कर सकते हैं, लेकिन मैं ऐसा करना चाहता था। मुझे इंजीनियरिंग करनी थी और मैंने जैसी कल्पना की थी, वह उससे कहीं ज्यादा कठिन निकली। मेरे लिए कॉलेज का एक-एक दिन भारी पड़ रहा था। 30 वर्ष की उम्र में वैसे ही पढ़ाई के लिए दिमाग इतना शार्प नहीं रहता।
कॉलेज में कई बार मुझे निराशा भी होती थी, लेकिन यह नहीं पता था कि कोई और भी मेरे लिए फिक्रमंद था। एक महीना पूरा होते ही मेरी दादी मां का पहला कार्ड मिला। उसमें वह शब्द लिखे थे, जिनसे मुझे खुशी हुई, नई हिम्मत जागी। मुझे नहीं पता था कि दूसरे महीने भी कार्ड आएगा। जैसे ही दूसरा महीना पूरा हुआ, फिर एक कार्ड मिला। उसमें लिखा था कि वे मुझे याद करती हैं और चाहती हैं कि मैं अपनी पढ़ाई पूरी करके लौटूं।
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