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मैक्सिको में हर 15 मिनट में एक हत्या, पुलिस की कमी, सेना तैनात

3 वर्ष पहले
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मैक्सिको अपने सर्वाधिक रक्तरंजित दौर में है। हर 15 मिनट में देश में एक न एक हत्या हो ही जाती है। पिछले कुछ वर्षों से चल रहा ये सिलसिला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। पिछले दो माह में तो इतनी हत्याएं हो गई हैं कि दुनिया का ध्यान चला गया। मई में ही 29, 168 लोगों की हत्या कर दी गई। यह सरकार नहीं कर रही, वरन अराजक स्थित के कारण वहां ऐसा हो रहा है।

पिछले दिनों यहां हुए चुनाव में भी प्रमुख मुद्दा यही था। आपसी रंजिश के अलावा कई अन्य प्रकार के अपराधों में भी हत्याएं हो रही हैं। राजनेता भी नहीं छोड़े जा रहे हैं। पिछले दिनों चुनाव में यहां पर 130 राजनेताओं की हत्या कर दी गई, इसमें से 48 तो पहले से चुने हुए नेता थे। हत्याओं का सिलसिला सितंबर से तेजी से बढ़ा है। राजनीति परामर्श देने वाली फर्म एटेलेक्ट का कहना है कि इसके बाद इसमें कमी नहीं आई। इन हत्याओं के पीछे ये कारण सामने आ रहे हैं-

पुलिस की कमी: मैक्सिको में पुलिस की काफी कमी है। अभी भी देश में 1 लाख 16 हजार रिक्तियां पुलिस विभाग में मौजूद है। सरकारी सुरक्षा एजेंसी का कहना है कि देश में पुलिस की संख्या जरूरत से आधी ही है। क्यों खाली हैं पद? तो इसका जवाब मिलता है कि सैलरी बहुत ही कम है। पुलिस में औसत वेतन 480 डॉलर प्रतिमाह ही है। यह राष्ट्रीय स्तर पर दी जाने वाली मजदूरी के औसत से भी कम है। यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका में सिक्युरिटी पढ़ाने वाले प्रोफेसर गेरार्डो रॉड्रिग्स का कहना है कि यहां पर पुलिस का कॅरियर प्रोफेशनल के समान नहीं है। दरअसल, यहां पर ड्रग्स का काम इतना प्रभावी है कि कोई मुकाबला नहीं रहता है। इस वजह से मजबूरी में मैक्सिको की सरकार को सड़कों पर सेना लगाना होती है, ताकि हालात पर काबू किया जा सके। सेना लगाने का काम दिसंबर 2006 से जारी है। तब तत्कालीन राष्ट्रपति फिलिप कॉलडेरॉन ने ड्रग्स के खिलाफ जंग छेड़ दी थी।

गैंग्स नए इलाकों में सक्रिय : तमाम गिरोह ड्रग्स का काम करते रहे, अब वे टुकड़ों में बंट गए हैं और अलग-अलग जगहों से काम कर रहे हैं। यह सही है कि ड्रग माफिया पकड़ा जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। और तो और इन्होंने आपने कामकाज को और वृहद रूप दे दिया है। पकड़े जा चुके अल चापो गुजमैन के कुख्यात सिनालोआ कार्टेल ने बड़े पैमाने पर फिंटानाइल में निवेश कर दिया है। यह एक सिंथेटिक नशा है, जो हेरोइन से 50 गुना ज्यादा नशा देता है। कुछ गैंग अवैध तेल उत्खनन में है। पिछले पांच साल में यह तेल उत्खनन 790 फीसदी बढ़ गया है। हर 90 मिनट में देश में कहीं न कहीं तेल की चोरी हो ही जाती है। चूंकि तुरंत पैसा मिलता है, इसलिए कई लोगों को आपराधिक कामों में ही रोजगार मिला है।

राजनीतिक हत्याएं: पिछले वर्ष जून में पुएब्ला राज्य से 12 मेयर को तेल की चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से हत्याएं बढ़ गई हैं। 2012 से लेकर 2018 के बीच में राजनेताओं की हत्याएं 2400 फीसदी बढ़ चुकी हैं। एटेलेक्ट के प्रमुख रूबेन सालाजार कहते हैं कि अपराधी भी राजनीति में आ चुके हैं। सरकार का स्थानीय स्तर पर नियंत्रण नहीं रह गया है। 25 जून को मेयर पद के प्रत्याशी की हत्या के बाद राज्य पुलिस ने ओकेम्पो शहर की पुलिस के सारे हथियार छीन लिए। नए राष्ट्रपति को 1 दिसंबर को शपथ लेना है, लेकिन तब तक हालात काबू करने के कोई आसार नहीं हैं।

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