कहा- सिद्धांतों के लिए खड़ा होना चाहिए
एजेंसी|नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो रहे जस्टिस जे चेलमेश्वर ने एक करोड़ रुपए दिन की फीस लेने वाले वकीलों को लेकर कहा है कि वे किसी मुद्दे पर मुंह नहीं खोलते हैं और अपना स्टैंड कभी जाहिर नहीं करते हैं। यदि कभी मुंह खोलते भी हैं तो सिर्फ अपना स्टेटस बनाए रखने के लिए ही ऐसा करते हैं। जस्टिस चेलमेश्वर शुक्रवार को वकीलों के एनजीओ लायर कलेक्टिव के कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के विदाई समारोह में शामिल होने से मना करते हुए कहा था कि रिटायरमेंट उनका निजी मामला है, इसको सार्वजनिक रूप नहीं दिया जाना चाहिए। चार सीनियर जजों के साथ 12 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के मामले में उन्होंने कहा कि वह कुछ मुद्दों और सिद्धांतों के लिए खड़े हुए। वह किसी के खिलाफ नहीं थे। इसमें कोई स्वार्थ नहीं था।
जो गलत लगे, उसे रोकना चाहिए
जस्टिस चेलमेश्वर ने शनिवार को आवास पर वकीलों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा, “मैं मुद्दों और मूल्यों पर खड़ा रहा। जब मुझे लगा कि चीजें गलत दिशा में जा रही हैं, तब मैंने सवाल खड़े किए। मेरा मानना है कि अगर अच्छा हो रहा है तो उसे मंजूर करना चाहिए। अगर कोई बात संदिग्ध है या संदेह है, तो उसकी पड़ताल करना चाहिए।
गड़बड़ी मिले तो उसे ठीक करने का प्रयास करना चाहिए। अगर कुछ गलत है, तो उसे खत्म करना चाहिए। मैं इसी सिद्धांत को मानता हूं। इसमें निजी हित या किसी की मुखालफत जैसा कुछ नहीं है। यह व्यवस्था से जुड़ा मामला है।